Jharkhand Live News – Court news : झारखंड की अदालतों में ऑनलाइन गवाही और बयान होंगे दर्ज 


राज्य की निचली अदालतों में लंबित आपराधिक मामलों के तेजी से निष्पादन के लिए अब ऑनलाइन ट्रायल के साथ-साथ गवाही, प्रति परीक्षण और 164 के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। केस से जुड़े पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों के बयान भी समय पर ऑनलाइन दर्ज होंगे। गवाही, गवाहों के प्रति परीक्षण और 164 का बयान ऑनलाइन लिया जाएगा। 

इसके लिए अदालतों से संबंधित सभी पक्षों को वीडियोकांफ्रेंसिग का लिंक दिया जाएगा। इसके माध्यम से जुड़ कर सभी सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। वीडियोकांफ्रेंसिंग से होने वाली कोर्ट की कार्यवाही की अनधिकृत रूप से रिकॉर्डिंग नहीं की जा सकती। झारखंड हाईकोर्ट वीडियो कांफ्रेंसिंग रूल-2020 लागू होने के बाद सभी अदालतों को ये प्रक्रियाएं शुरू करने का निर्देश दिया गया है। सभी अदालतों और ट्रिब्यूनलों में यह नियम लागू कर दिया गया है। 

लॉकडाउन में राज्य की निचली अदालतों में सुनवाई लंबे समय तक बंद रही थी। अब इनमें सुनवाई शुरू हुई है, लेकिन अभी जरूरी मामलों की ही सुनवाई हो रही है। जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। अधिकांश मामलों के ट्रायल रुके हैं। इसमें कई मामले गवाही के स्टेज में हैं और कुछ में प्रतिपरीक्षण होना बाकी है। इस कारण आपराधिक मामलों का बोझ अदालतों पर लगातार बढ़ता जा रहा था। राज्य की अदालतों में अभी ऑनलाइन सुनवाई ही हो रही है। कोर्ट परिसर में मुवक्किलों के आने पर रोक लगी है। सभी जज अपने आवासीय कार्यालय से ही वर्चुअल सुनवाई कर रहे हैं। 

जिला जज को करनी होगी व्यवस्था : गवाही के दौरान दूर-दराज इलाके के लोगों को नेटवर्क या वीडियोकांफ्रेंसिंग की सुविधा नहीं रहने पर संबंधित जिला जजों को इसकी व्यवस्था करनी होगी। उन्हें ऐसे स्थान पर ले जाकर हाजिर कराना होगा, जहां से वे आसानी से ऑनलाइन जुड़ सकें। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की मदद ली जाएगी। बहुत जरूरी होने पर अदालतों में बने जन सुविधा केंद्र में ले जाकर गवाही या 164 का बयान दर्ज कराया जा सकता है। 

 सभी पक्ष को कार्यवाही में शामिल होने की छूट : मामलों की सुनवाई में वादी या इससे जुड़े अन्य पक्षों को शामिल होने की छूट भी प्रदान की गई है। इसके लिए वादी और अन्य पक्षों को रजिस्ट्रार के पास आवेदन देना होगा। इसके लिए तय प्रारूप में पूरा ब्योरा देना होगा। अदालत की अनुमति के बाद ऐसे लोगों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग का लिंक भेजा जाएगा और वे अदालत की कार्यवाही देख सकते हैं। 

डॉक्टर और जांच अधिकारी पर भी लागू होगी व्यवस्था : किसी भी आपराधिक मामले में जांच अधिकारी और चिकित्सकों को अपना बयान भी ऑनलाइन ही दर्ज कराना होगा। जांच अधिकारी का तबादला दूसरे जिले में हो जाने की स्थिति में पदस्थापित जिलों से ही उन्हें ऑनलाइन बयान दर्ज कराने होंगे। इसके लिए वे अपने जिला मुख्यालय जा सकते हैं। जिला मुख्यालय को इसकी व्यवस्था करनी होगी। डॉक्टरों के लिए भी यही प्रावधान लागू किया गया है। 

लेकिन वकील चाहते हैं पुरानी व्यवस्था : राज्य के वकील ऑनलाइन व्यवस्था अब जारी रखना नहीं चाहते। वकीलों का कहना है कि ऑनलाइन सुनवाई में कई तरह की समस्या आ रही है। कई काम बाधित हो गए हैं। मुवक्किल कोर्ट नहीं आ रहे हैं। उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। ऐसे में सभी न्यायालयों में पहले की तरह ही सुनवाई होनी चाहिए। इसके लिए कई जिले के बार संघों ने अपने न्यायालयों और बार कौंसिल को आवेदन दिया है। 

अदालतों में ऑनलाइन हो रहे ये काम
अदालतों में सभी मामलों की सुनवाई 
लोक अदालत का आयोजन
मध्यस्थता और पारिवारिक विवाद का निपटारा
समन और नोटिस भी ऑनलाइन जारी हो रहे 
अधिकारियों की पेशी भी ऑनलाइन हो रही