वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे देने जा रही एक नई सुविधा, देखिये क्या मिलेगा फ़ायदा इससे

तकरीबन डेढ़ साल से ट्रेनों में बुजुर्गों को मिलने वाली रियायत बंद है। हाल के दिनों में रियायत शुरू करने की योजना भी नहीं है। ट्रेनों में रियायत बंद होने को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच रेलवे ने रियायत संबंधी कोई घोषणा तो नहीं की है पर सीनियर सिटीजन को ट्रेनों में मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी साझा की है। इनमें सबसे अहम है लोकल ट्रेनों में सीनियर सिटीजन के लिए निर्धारित सीटें।

जी हां, रेलवे ने बताया है कि सभी क्षेत्रीय रेलों के उपनगरीय खंडों पर लोकल ट्रेन सेवाओं की पूरी अवधि के लिए द्वितीय श्रेणी के पहले और आखिरी सामान्य डिब्बे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए न्यूनतम 7 सीटें निर्धारित करने के आदेश जारी किए गए हैं। दूसरी कई सुविधाओं की भी जानकारी दी गई हैं। इनमें रेलवे के आरक्षण केंद्र में नागरिकों को टिकट बुकिंग के समय सीट की उपलब्धता के तहत अपने आप निचली सीट आवंटित करने का प्रावधान है। भले ही इसके लिए कोई विकल्प ना दिया गया हो।

– वरिष्ठ नागरिकों को स्लीपर श्रेणी में प्रत्येक ट्रेन में 6 से 7 लोवर सीट, थर्ड एसी में 4 से 5 लोवर सीट और सेकंड एसी में तीन से चार लोअर बर्थ दिए जाएंगे। लोअर सीट की संख्या ट्रेन में जुड़ने वाले कोच के आधार पर तय होगी।

– चलती ट्रेन में अगर वरिष्ठ नागरिक को मिड्ल या अपर बर्थ मिला है और लोअर खाली है। तो वरिष्ठ नागरिक की मांग पर ऑन बोर्ड टिकट चेकिंग स्टाफ चार्ट में एंट्री कर लोअर सीट बुजुर्ग यात्री को अलॉट कर सकते हैं।

भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर सीनियर सिटीजन अक्सर अपने लिए अतिरिक्त आरक्षण काउंटर की मांग करते हैं। इस पर भी रेलवे में साफ कर दिया है कि हर पाली में 120 से ज्यादा टिकटों की बुकिंग होने पर ही अलग से काउंटर खोले जा सकते हैं। उन काउंटरों पर बुजुर्गों के साथ महिला, दिव्यांग, पूर्व सांसद व विधायक , मान्यता प्राप्त पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानियों को भी टिकट बुक कराने की सुविधा दी जाएगी।