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‘लव जेहाद का केस नहीं… मां-बाप कसूरवार हैं’, तुनिषा शर्मा मामले पर बोले मुकेश खन्ना

महज 20 साल की उम्र में तुनिषा शर्मा का इस तरह दुनिया से जाना हर किसी के लिए शॉकिंग है। दिग्गज टीवी एक्टर मुकेश खन्ना ने अपने यूट्यूब चैनल पर तुनिषा की मौत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हैरानी जताई कि किस तरह आज के वक्त में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने तुनिषा की मौत को बचकाना बताया। मुकेश खन्ना ने कहा कि बच्चे की मौत के लिए मां-बाप कसूरवार हैं। साथ ही उन्होंने इस मामले को लव जेहाद का केस नहीं माना। तुनिषा की मौत के बाद उनके को-एक्टर शीजान खान को गिरफ्तार किया गया है। शीजान पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है। 

चकाचौंध के पीछे का सच
मुकेश खन्ना ने अपना नया वीडियो रिलीज किया और इस बार उन्होंने तुनिषा सुसाइड केस पर बात की। मुकेश कहते हैं, ‘फिर वही सैटेलाइट जगत की चकाचौंध, फिर वही टीवी इंडस्ट्री और फिर वही एक और एक्ट्रेस जिसने सुसाइड कर लिया। फिर से पंखे पर लटक जाना। सुशांत सिंह राजपूत से यह शुरू हुआ था। आखिर क्यों इस तरह से हो रहा है इस पर कोई सोचता है? मैं बात कर रहा हूं तुनिषा के बारे में जिसने मेकअप रूम में फांसी लगा ली।‘

तुनिषा की आत्महत्या को बताया बचकाना
‘हर किस्से में आपको कोई ब्वॉयफ्रेंड मिलेगा। जिस पर वो लड़की डिपेंड करती है और जब लड़का धोखा दे जाता है तो उसका दिल टूट जाता है। लड़की हार मान जाती है। इसमें उसके ब्वॉयफ्रेंड को पकड़ा गया है। उसके नाम में खान जुड़ा है लेकिन मैं इसे लव जेहाद से नहीं जोड़ूंगा क्योंकि हर खान जरूरी नहीं है कि इस तरह के काम करता है। यह हो रहा है सिर्फ एक बचकानी उम्र के पड़ाव पर होती हुई बचकानी घटनाओं की वजह से। कई बार छोटे शहरों से लड़कियां काम करने के लिए आती हैं। मुझे लगता है अब उनके लिए काम पाना आसान है। कई बार मुझे हैरानी होती है कि कितना टैलेंट है उनमें। इस इंडस्ट्री में जहां 30 दिन में 35 दिन का काम लिया जाता है वहां इस तरह की घटनाओं पर हैरानी नहीं होती।‘

‘लड़कियां इमोशनली अटैच्ड होती हैं‘
मुकेश खन्ना आगे कहते हैं, ‘तुनिषा चली गई है उसके ब्वॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया गया है लेकिन इसके पीछे की जो वजह है उस पर कोई बात नहीं कर रहा है। उसके सह कलाकार हैरान हैं। वह उसे श्रद्धाजंलि दे रहे हैं लेकिन फिर वो भी उसी दलदल में घुस जाते हैं। अगला नंबर किसी का भी हो सकता है।‘ मुकेश खन्ना कहते हैं, ‘सबसे बड़े कसूरवार माता-पिता होते हैं। खासतौर पर लड़कियों के। लड़के तो अपने आप को संभाल लेते होंगे। हालांकि ऐसा नहीं है कि लड़के सुसाइड नहीं करते होंगे लेकिन लड़कियां इमोशनली अटैच्ड होती हैं। आपने देखा कि उसने अपने ब्वॉयफ्रेंड की बहुत तारीफ की है। वह उस पर इतना भरोसा कर लेती है कि अचानक एक दिन मालूम पड़ता है कि उसकी जिदंगी में एक और लड़की है। तो उस मासूम लड़की की जिंदगी पर क्या गुजरती होगी जिसने उसे अपना सबकुछ मान लिया।

‘ये मर्दों की दुनिया है। मर्द समझते हैं कि हम एक नहीं दो नहीं 10 प्यार कर सकते हैं लेकिन लड़कियां ऐसा नहीं सोचतीं। लड़की एक बार प्यार करती है तो एक बार ही करती है। ये सबके बारे में नहीं है लेकिन ज्यादातर ऐसा ही होता है। ऐसा ही तुनिषा के साथ हुआ।‘

‘अवसाद में लिया जाता है फैसला‘
मुकेश खन्ना कहते हैं, ‘आत्महत्या एक-दो मिनट का अवसाद होता है जिसमें उसे उस वक्त कुछ नहीं दिखता। उस वक्त कोई रोक सकता है तो वह उसका विश्वसनीय पात्र है जो मां-बाप, भाई-बहन, दोस्त होते हैं। मुश्किल घड़ी में अगर कोई उसे समझाने वाला मिल जाए तो वह यह कदम नहीं उठाएगी।‘ 
 

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