रेलवे कर्मचारियों का बल्ले-बल्ले मिलेगा 78 दिन का बोनस, जानिए पूरी डिटेल्स

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को रेलवे कर्मचारियों के बोनस की घोषणा कर दी है। प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) के तहत इस बार भी दशहरा व पूजा के लिए कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस मिलेगा। इसमें 7000 रुपये बेसिक तय किया गया है। जिसके तहत सभी कर्मचारियों को 17,951 रुपये बोनस मिलेगा। हालांकि अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। कर्मचारियों को बोनस का पैसा शुक्रवार तक उनके बैंक खाते में रेलवे भेज देगी। देश भर में रेलवे के 11.56 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं जिन पर रेलवे बोनस मद में 1184.73 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

दक्षिण पूर्व रेलवे में 78,500 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

दक्षिण पूर्व रेलवे में 78,500 कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें बोनस का लाभ मिलेगा। इसमें चक्रधरपुर मंडल में 22,500 और टाटानगर रेलवे स्टेशन में 5200 कर्मचारी कार्यरत हैं। रेलवे ने कर्मचारियों के बोनस में 7000 रुपये बेसिक की सीलिंग कर दी है। जिसके तहत संबधित कर्मचारी का बेसिक भले ही 70 से 80 हजार रुपये क्यों न हो, उन्हें 7000 रुपये के बेसिक पर सभी कर्मचारियों को फ्लैट 17,951 रुपये बोनस मिलेगा।

क्या होता है प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस

देश भर के सभी जोन में रेलवे ने पूरे एक वित्तीय वर्ष में पैसेंजर ट्रेन और गुड्स ट्रेन के संचालन से कितने राजस्व प्राप्त किए। इसमें प्रति कर्मचारी की उत्पादकता क्या रही। इन सभी के आंकड़े रेलवे बोर्ड केंद्रीय कैबिनेट को भेजती है। जिसके आधार पर रेल कर्मचारियों का बोनस तय किया जाता है। पिछले तीन वर्षो से रेलवे 78 दिनों का ही बोनस दे रही है।

समय से पहले बोनस मिलने पर खुशी

दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस, चक्रधरपुर मंडल के कार्यवाहक महामंत्री शशि मिश्रा का कहना है कि पहले शारदीय नवरात्र की अष्टमी व नवमी को बोनस की घोषणा होती थी। इस वर्ष समय से पहले बोनस की घोषणा पर सभी कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कोविड 19 के बावजूद हमारे कर्मचारियों को जोखिम लेते हुए ड्यूटी की। ऑक्सीजन एक्सप्रेस से लेकर गुड्स ट्रेनों का नियमित रूप से संचालन किया। दक्षिण पूर्व रेलवे ने माल ढुलाई में पिछले वर्ष की तुलना में 25 मैट्रिक टन अधिक ढुलाई का नया रिकार्ड बनाया है। इसका फायदा बोनस के रूप में सभी कर्मचारियों को मिल रहा है।