राहत की खबर खाद्य तेलों की कीमत में आई है कमी, त्योहारों के बाद और घटेंगे दाम

विगत एक साल के दौरान खाद्य तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से भी अधिक की तेजी देखी गई है। मार्च से अगस्त के बीच खाद्य तेल की कीमतों में 20-25 प्रतिशत की उछाल आई है। इस वजह से कीमतों में आग लगी थी। हालांकि अब दीपावली के पूर्व बाजार में खाद्य तेल की कीमतों में तीन प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है। यानि प्रति लीटर 5-6 रुपये की कमी आई है। त्यौहारों के बाद डिमांड घटने पर कीमत में और भी कमी की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आबादी एवं होटल, रेस्तरां, ठेला-खोमचा वालों की जरूरत के अनुसार रांची में प्रतिमाह लगभग सात लाख लीटर तेल की खपत होती है। शहर में खाद्य तेलों की आवक राजस्थान और आगरा से होती है।

186 से 205 रु. प्रति लीटर की दर से बिक रहा सरसों तेल

बाजार में तेजी के बाद सरसों तेल की कीमतें स्थिर हैं। फिलहाल 186 से 205 रु. प्रति लीटर की दर से खुदरा बिक्री हो रही है। वहीं, थोक भाव में यह 183 से 195 रुपये के बीच उपलब्ध है। थोक में 15 किलो की टीन की कीमत 3000 से 3050 रु. है। त्यौहारों के बाद मांग में कमी आने एवं जनवरी में नए फसलों के तैयार होने के फलस्वरूप कीमतों में और भी गिरावट आने की संभावना है।

ड्यूटी घटने से सोयाबीन और पाम ऑयल भी नरम

इधर, इसी दौरान केंद्र द्वारा ड्यूटी घटाने से सोयाबीन और पाम ऑयल की कीमतों में भी लगभग 10 प्रतिशत की नरमी आई है। खुदरा बाजार में इन दिनों सोयाबीन तेल 140-156 रुपये प्रति लीटर व पाम आयल 130-132 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहे हैं। जबकि थोक बाजार में सोयाबीन तेल 130-145 रुपये व पाम तेल 120-121 रुपये में बिक रहे हैं।