रांची को मिलने जा रहा है स्मार्ट टॉयलेट, देखिये क्या होगी ख़ासियत और कैसे करेगा काम

राजधानी को मॉडल सिटी बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। शहर में स्वच्छता को लेकर शौचालय को हाईटेक बनाया जाएगा। इसमें महिलाओं की हाइजीन को देखते हुए खास ध्यान दिया गया है। साथ ही शौचालय का सही इस्तेमाल हो और गंदगी ना हो इन बातों को भी लेकर तैयारी की जा रही है। रांची नगर निगम शहर में ऑटोमेटिक मॉड्युलर टॉयलेट का निर्माण कराने जा रहा है। टॉयलेट पूरी तरह से ऑटोमेटिक होंगे, इसमें पांच रुपये का सिक्का डालते ही टॉयलेट का गेट ऑटोमेटिक खुल जाएगा।

खुद से हो जाएगा साफ

टॉयलेट का गेट खुलते ही खुद से फ्लश की व्यवस्था रहेगी। कहीं कुछ टच करने की जरूरी लोगों को नहीं पड़ेगी। राजधानी में कुल 226 सीट के मॉड्युलर टॉयलेट निर्माण करने की योजना है। इसमें 60 सीट का 10 टॉयलेट महिलाओं के लिए होगा। जिसे निगम ने पिंक टॉयलेट का नाम दिया है। निगम की हेल्थ ऑफिसर डॉ किरण ने बताया कि एक पिंक टॉयलेट में 6 सीटर होगा। इसके अलावा 160 सीट पुरुष टॉयलेट के लिए होगा। जो दो तीन की संख्या में अलग-अलग जगहों पर बनाया जाएगा

अगर पानी न रहेगा टॉयलेट में तो नहीं खुलेगा दरवाजा

इस टॉयलेट में पानी न होने पर इसका दरवाजा ही नहीं खुलेगा। ऐसे में दूसरा टॉयलेट विजिट करना होगा। मालूम हो कि रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर फूड प्लाजा के बगल में इस तरह का टॉयलेट लगवाया गया है।

खास होगा पिंक टॉयलेट

पिंक टॉयलेट में वैनिटी रूम, चेंजिंग रूम, फिडिंग रूम के अलावा सेनेट्रीरीपैड निष्पादन की व्यवस्था होगी। पिंक टॉयलेट के लिए निगम ने पहले से मोरहाबादी मैदान, चर्च कांप्लेक्स, सर्कुलर रोड चिन्हित किया है। यह स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2.81 करोड़ की लगात से निर्माण कराया जा रहा है। जो कंपनी टेंडर लेगी उसे ही तीन साल तक करना पड़ेगा मेनटेनेंस। डॉ किरण ने बताया कि टेंडर में जो कंपनी एल-1 होगी उसे ही तीन साल तक टॉयलेट का ऑपरेशन व मेनटेनेंस कार्य देखना होगा।

दो टॉयलेट पर एक स्टाफ

टॉयलेट को साफ और स्वच्छ रखने के लिए भी निगम ने तैयारी कर ली है। इसके तहत हर दो टॉयलेट पर एक स्टाफ को तैनात किया जाएगा। ये स्टाफ हर घंटे टॉयलेट की सफाई करेंगे, ताकि यूजर्स को टॉयलेट का इस्तेमाल करने में सोचना नहीं पड़े। वहीं, दुर्गध और गंदगी से भी लोगों को छुटकारा मिल जाएगा।

टॉयलेट का इस्तेमाल करने से पहले लोग कई बार सोचते हैं। अब नई व्यवस्था के तहत सफाई पर फोकस है। ऑटोमेटिक और पिंक टॉयलेट उसी का हिस्सा है। हमारी पूरी कोशिश है कि लोग जब टॉयलेट का यूज करें तो उन्हें कोई परेशानी न हो।

-डॉ किरण कुमारी, असिस्टेंट हेल्थ ऑफिसर सह एसबीएम इंचार्ज, रांची नगर निगम