यूपीएससी के इंटरव्यू के पहले हो गया पिता का मौत,कई कठिनाइयों का सामना कर दिव्यांशु ने UPSC मे पाया 44वां स्थान

अभी कुछ समय पहले संघ लोक सेवा आयोग का रिजल्ट आया है. इस परीक्षा में बिहार के शुभम कुमार ने टॉप किया है और साथ ही साथ कई विद्यार्थियों ने अच्छे अंक लाकर अपने परिवार के साथ साथ देश का नाम रोशन किया है.

हर साल लाखों विद्यार्थियों इस की परीक्षा को देते हैं लेकिन उसमें वाली परीक्षा सफल होते हैं जो सही रणनीति के साथ इस परीक्षा की तैयारी करते हैं

इस परीक्षा में कई ऐसी विद्यार्थियों ने भी अच्छे अंक़ लाये हैं जिनकी परिस्थिति बहुत ज्यादा खराब थी और ऐसे विद्यार्थी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं कई विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं.

यूपीएससी की परीक्षा में लखनऊ के दिव्यांशु ने यूपीएससी परीक्षा में 44 वीं रैंक लाकर अपना ही नहीं बल्कि पूरे लखनऊ का नाम रोशन किया है.

दिव्यांशु ने इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की.कठिन मेहनत के साथ ही दिव्यांशु के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने उन्हें तोड़ के रख दिया लेकिन उन्होंने फिर भी हार नहीं माना. यूपीएससी के इंटरव्यू से पहले कोरोना के कारण उनके पिता का निधन हो गया. लेकिन उन्होंने हार नहीं माना और विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष किया.

कोरोना ने छीनी पिता की जिंदगी-बिट्स पिलानी के गोवा कैंपस दिव्यांशु ने केमिकल इंजीनियरिंग किया. उसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. उनके तैयारी के दौरान ही 2020 में कोरोना के कारण उनके पिता काफी ज्यादा बीमार हो गए. काफी दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उनके पिता एसके निगम का निधन हो गया और यह सदमा उनके लिए काफी बड़ा था.

हिम्मत न हारते हुए खुद को संभाला- इस घटना के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार कठिन मेहनत करते रहे. उनके लिए खुद को संभाल पाना मुश्किल था. उन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखी और आखिरकार उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में अपने पिता के सपने को पूरा कर दिखाया.

पहले दो प्रयास में मुख्य परीक्षा में अटके – दो प्रयास में दिव्यांशु क्यों किसी के मेंस परीक्षा में फेल हो गए थे लेकिन तीसरे प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचे जिससे उनके पिता काफी ज्यादा खुश थे. लेकिन उनकी आईएएस अफसर बनने से पहले उनके पिता ने दुनिया को अलविदा कह दिया. दिव्यांशु निगम ने अपने पिता के सपने को साकार करते हुए यूपीएससी में 44 व स्थान प्राप्त किया.