मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा, अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल सड़क मार्ग से भोजपुर और सारण जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर निकले। मुख्यमंत्री कोईलवर और बाबूरा का जायजा लेते हुए छपरा पहुंचे। छपरा के डोरीगंज और मौजमपुर होते हुए उन्होंने सोनपुर के भी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सारण जिले के मूसेपुर चौक पर चलाए जा रहे हैं सामुदायिक रसोई केंद्र का भी निरीक्षण किया। सामुदायिक केंद्र में भोजन कर रहे लोगों से उन्होंने बात की और वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। समुदायिक केंद्र के बगल में चल रहे को कोविड जांच केंद्र का भी उन्होंने निरीक्षण किया और अधिकारियों को को निर्देश दिए कि यहां जो भी व्यक्ति रह रहे हैं उनका कोरोना जांच कीजिए।अगर कोई संक्रमित पाए जाते हैं तो उनकी अलग व्यवस्था करें।

मुख्यमंत्री ने मुझसे पुर चौक पर चल रहे सामुदायिक केंद्र में विस्थापित लोगों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सामुदायिक केंद्र और बड़ा बनाया जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग यहां रह सके और भोजन कर सके। बराबर उपलब्ध होनी चाहिए पशुओं का चारा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित पुल पर रुक कर सोन नदी एवं वीर कुंवर सिंह सेतु पर रुक कर गंगा नदी का जलस्तर का जायजा लिया।

छपरा के डोरीगंज स्थित मुस्सेपुर चौक के पास एक दिव्यांग सीएम नीतीश की गाड़ी के सामने आ गया। सीएम नीतीश न

गाड़ी से उतरकर दिव्यांग की समस्याओं को सुना। दिव्यांग ने सीएम नीतीश को बाढ़ से हो रही परेशानी और इंदिरा आवास नहीं मिलने की व्यथा से अवगत कराया। सीएम ने दिव्यांग की बातों को बड़ी गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल शिकायत को दूर करने का निर्देश दिया।

वापस लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने 1 अन्ने मार्ग स्थित संकल्प पर आपदा प्रबंधन एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।