माँ-बेटी ने शुरू किया मसालों का स्टार्टअप, 100 महिलाओं को दे रही रोज़गार

दिल्ली की रहने वाली प्रज्ञा अग्रवाल ने जब अपनी घरेलु सहायिका पार्वती के चेहरे पर चोट के निशान देखे, तो पूछने पर पता चला कि वह घरेलु हिंसा का शिकार है. पार्वती को उनके घर काम करते हुए 10 साल हो चुके थे और वो इस हिंसा के दलदल से उसे बाहर निकालना चाहती थीं.

द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पार्वती का पति मुख्य रूप से घर चलाता था, तो उनके लिए विरोध करना इतना आसान नहीं था. सामाजिक कार्य करने वाली प्रज्ञा ने पार्वती को इस रिश्ते से निकालने के लिए कमाई के दूसरे साधन की आईडिया सोच लिया.

पार्वती ने प्रज्ञा के लिए पापड़ और ड्राई स्नैक्स बनाने के लिए कच्चा माल दिया और उसे बनाने को कहा. उसने उन पापड़ आदि को अपने फ्रेंड्स और रिश्तेदारों के ज़रिये बेचने में भी मदद की. इसके चार साल बाद आज पार्वती ऑर्गनिक मसाला ब्रांड ORCO (ORganic COndiments) की कोर मेम्बर है. यह एक स्टार्टअप है, जिसे प्रज्ञा और उनकी बेटी अधविका ने हासिये पर जीने वाली महिलाओं को सशक्त करने के मकसद से शुरू किया है.

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2017 में इसकी शुरुआत के बाद से अब तक 100 महिलाओं को रोज़गार दिया जा चुका है. इसके ज़रिये आज पार्वती 7 हज़ार रुपये महीना कमा पा रही है. आज वह अपने पति के साथ रह रही है, लेकिन आर्थिक रूप से योगदान के बाद वह अब हिंसा नहीं करता है.

अधविका ने इस स्टार्टअप को शुरू किया. वह हाल ही में कैलिफ़ोर्निया से entrepreneur fellowship programme पूरा करके भारत लौटी है. इस वेंचर में न सिर्फ ऑर्गनिक मसाले बल्कि हैंड-क्राफ्ट पेपर पैकेजिंग भी बनाये जाते हैं. यह पूरा एक इको-फ्रेंडली प्रोसेस है.

रिपोर्ट के अनुसार, हर दिन महिलाएं 20 तरीके के 100 किलो मसाले तैयार करती हैं. आज 25 कस्टमर्स से शुरू हुआ ये वेंचर हर महीने वेबसाइट पर 30 हज़ार लोगों के विजिट तक पहुँच गया है!