बिहार से झारखण्ड और उत्तर प्रदेश के इन रूटों पर जल्द शुरू होगी 112 नई बसें का परिचालन, जानिए पूरी डिटेल

VOLVO BUS KO FALAGUP KERTE BRISHAN PATEL

पटना से राज्य के दूसरे शहरों में जाने के लिए यात्रियों को अब बसों की कमी नहीं होगी। पटना से दरभंगा, समस्तीपुर, सासाराम, जमुई, बांका, पाली, भभुआ, औरंगाबाद, भीट्ठामोड़, मानपुर समेत, झारखंड व उत्तर प्रदेश के शहरों के बीच परिचालन के लिए बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम राज्य के भीतर 50 रूटों पर, झारखंड के लिए 10 तथा यूपी के लिए छह रूटों पर परिचालन में बसों की संख्या बढ़ाएगा। निगम की ओर से इन 66 रूटों पर 370 बसें चलाई जाएंगी।

बिहार के अंतर्क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय मार्गों के विवरण, आवेदन के प्रारूप और बसों के परिचालन की शर्तें परिवहन विभाग की ओर से जारी हो चुकी है। इन रूटों पर बसों के परिचालन से इच्छुक लोग परिवहन विभाग की वेबसाइट से जानकारी ले सकते हैं। निगम में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर है। निगम के मुताबिक बिहार से यूपी के लिए 82 बसें बढ़ेंगी, जबकि बिहार से झारखंड के बीच 34 बसें चलाई जाने की तैयारी है। वहीं, बिहार के अलग-अलग रूटों पर कुल 254 बसें बढ़ाई जाएंगी। बिहार व यूपी के छह रूटों पर बसों का परिचालन बढ़ने से इन प्रदेशों के विभिन्न शहरों से आवागमन आसान होगा।

पटना से देवरिया, दरभंगा से भदोही होते वाराणसी, छपरा से बलिया, पटना से आरा बक्सर के रास्ते वाराणसी, पटना से हाजीपुर, सीवान के रास्ते गोरखपुर और गया से सासाराम के रास्ते सारनाथ के बीच बसों की संख्या बढ़ेगी। इन रूटों पर बसें बढ़ने से इनके आपास के पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। उधर, बिहार व झारखंड के बीच भी पर्यटन की दिशा में संबंध प्रगाढ़ होंगे।

26 रूट पटना से दूसरे शहरों के

बिहार के 50 अंतरराज्यीय मार्गों में से 26 मार्ग पटना से दूसरे शहरों के बीच के हैं। पटना के अलावा दरभंगा, भागलपुर, गया, बरबीघा, जमुई, किशनगंज, मंगेर, पूर्णिया, जयनगर, बेगूसराय, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर केसरिया, नवादा, मधुबनी, सहरसा, जोगबनी, सीवान, मोतिहारी, सासाराम, डेहरी, भभुआ, रक्सौल, बांका, पाली, सिकंदरा, समस्तीपुर समेत अन्य शहरों के बीच बसों के परिचालन की योजना है।

पथ परिवहन निगम ने अभी निविदा निकाली है। 25 अक्टूबर अंतिम तिथि है। सभी रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाने से बड़ी आबादी को फायदा होगा। सभी रूटों पर बसों का परिचालन पीपीपी मोड पर किया जाना है। – श्याम किशोर, प्रशासक, बीएसटीडीसी