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बिहार में नहीं होगी बिजली की क़िल्लत: 490 करोड़ के लागत से इन तीन जिलों में लगाए जाएंगे 5 पावर ग्रिड, जानिए

बिहार में जल्द ही पांच नए बिजली ग्रिड बनाए जाएंगे. इन ट्रांसमिशन ग्रिडों को बनाने के लिए केंद्र सरकार से राशि की मांग की गई है. बिहार सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार से बैकवर्ड रीजन ग्रांट फंड (बीआरजीएफ) मद में बकाया राशि में से 490 करोड़ की मांग की है. इसकी मदद से ही इन ग्रिडों का निर्माण हो सकेगा. ये ट्रांसमिशन ग्रिड 132/33 केवी की क्षमता वाला होगा. बिजली कंपनी ने इस प्रस्ताव को नीति आयोग को भेजा है. इस पर आयोग ने ग्रिड बनाने के लिए दावा की गई राशि 490 करोड़ के समर्थन में जरूरी डॉक्यूमेंट्स की मांग की है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही बिजली कंपनी ने औरंगाबाद जिले के दाउदनगर और नवीनगर, गया जिले के भोरे और बाराचट्टी के अलावा पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा में ग्रिड बनाने का फैसला लिया है. बिहार की नीतीश सरकार ने एक बार फिर केंद्र सरकार को पत्र लिखकर ग्रिड से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई है. योजना एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने नीति आयोग को इस संबंध में पत्र लिखकर भेज दिया है.

पत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक, बीआरजीएफ के तहत ऊर्जा परियोजनाओं पर काम होना है, जिसमें 489 करोड़ 93 लाख खर्च होंगे. बीआरजीएफ मद में बिहार का केंद्र पर अब भी 510 करोड़ 60 लाख बकाया है. इसलिए बिहार को बीआरजीएफ की बकाया राशि में से ही 490 करोड़ स्वीकृत किए जाएं, जिससे पांचों ग्रिड का निर्माण हो सके. मालूम हो कि बीआरजीएफ की राशि 12वीं पंचवर्षीय योजना की ही है. बिहार के ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इसे लेकर कहा कि बीआरजीएफ के तहत बिहार का 500 करोड़ का बकाया है. उसी बकाए राशि में से पांच ग्रिड बनाने के लिए केंद्र सरकार से राशि मांगी गई है.

अगर इन ग्रिडों का निर्माण हो जाता है तो इससे औरंगाबाद, पश्चिमी चम्पारण और गया के अलावा आसपास के जिलों को भी फायदा मिलेगा. वर्तमान में इन जिलों में ट्रांसमिशन ग्रिड अधिक दूरी पर है. इस वजह से जब बिजली आपूर्ति व्यवस्था में कोई खराबी आती है तो इन जिलों के अलावा आसपास के कई जिले भी प्रभावित होती है. इन पांचों ग्रिडों के निर्माण से बिजली आपूर्ति व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी.

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