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बिहार में राजगीर और मंदार पर्वत के बाद इन तीन जिलों में भी बन रहा रोप-वे, जानिए कौन से 3 जिले है

बिहार में पर्यटन स्‍थलों के विकास के लिए सरकार लगातार ही काम कर रही है। इसका असर देखने को मिल भी रहा है। हाल के दिनों में राजगीर में पर्यटकों की रुचि को बढ़ाने वाले कई काम किए गए हैं। इसके साथ ही सरकार वैशाली, कैमूर जिले के मुंडेश्‍वरी, रोहतासगढ़, गया आदि स्‍थलों पर पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के सचिव संतोष मल्ल ने बताया कि वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय 300 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है। वहीं मुंडेश्वरी, रोहतास गढ़, गया के प्रेतशिला, वाणावर आदि स्थानों पर रोपवे का कार्य जारी है। बोधगया में भव्य अतिथिशाला का निर्माण किया जा रहा है। यह जानकारी उन्‍होंने दिल्‍ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शनिवार को कही।

सचिव ने बताया कि वाल्मीकि नगर में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। राजगीर और मंदार पर्वत पर रोपवे चालू हो गया है वहीं राजगीर में जंगल सफारी का उद्घाटन होगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बौद्ध सर्किट, रामायण सर्किट, सिख सर्किट समेत अन्य सर्किट को पर्यटन से जोड़ा जा रहा है। बिहार के पर्यटन स्थलों को एक बार जरूर देखें।

‘भोजपुरी का परिचय और सभ्यता’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मल्‍ल ने कहा कि भोजपुरी भाषा और इसकी संस्कृति का इतिहास काफी पुराना है। भोजपुरी भाषा प्राचीन होने के साथ साथ समृद्ध भाषा है। उन्‍होंने कहा कि आने वाले दिनों में मैथिली, अंगिका, बज्जिका, मगही समेत अन्य मातृभाषा में कार्यक्रम का आयोजन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से होगा।

इंडिया इंटरनेशनल दिल्ली के निदेशक केएन श्रीवास्तव ने भोजपुरी फिल्मों के बारे में कहा कि आज की फिल्में अपने संस्कार से भटक गई है। फिल्मों में अश्लीलता चरम पर है। ऐसे में फिल्म कलाकारों से आग्रह है कि अपनी सभ्यता और संस्कृति को बचाए रखने में योगदान दें। फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने लौंडा नाच के बारे में कहा कि आज इन कलाकारों की स्थिति खराब है।

बिहार पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पटना जरूर आएंगे। भारत सरकार के हाउसिंग बोर्ड के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि बिहार संग्रहालय अपनी विरासत को संभाल रहा है। आइएएस अधिकारी गंगा कुमार ने कहा कि आने वाले समय में इस प्रकार के कई आयोजन होंगे। इसमें विभिन्न भाषा, संस्कृति पर बात होगी। कार्यक्रम में स्वागत भाषण पंकज श्रेयस्कर ने किया।

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