बिहार में दो नई रेल लाइन जल्द बनेगा, जानिए किन जिलों को मिलेगा फ़ायदा

बिहार के रेल नेटवर्क से अछूते इलाकों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। जल्द ही मोतीपुर-साहेबगंज-राजापट्टी एवं चकिया-केसरिया नई रेल लाइन निर्माण के लिए सर्वे होगा। इसके लिए पूर्व मध्य रेलवे की निर्माण विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।

 

इन दोनों रेलवे लाइन के बन जाने से, मुजफ्फरपुर जिले के पश्चिम क्षेत्र के अलावा गोपालगंज और पूर्वी चंपारण के लाखों लोगों को फायदा होगा।

क्रमशः 38 और 25 किलोमीटर दोनों रेलवे लाइन की लंबाई।

बता दें कि पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण विभाग ने सर्वे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली है। विभाग के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने दोनों नई रेलखंड के ट्रैफिक व इंजीनियरिंग सर्वे के लिए निर्माण एजेंसियों से प्रस्ताव की मांग की है। तीन नवंबर को एजेंसी का चयन किया जाएगा। सर्वे कार्य पर दस लाख 39 हजार 335 रुपये खर्च किए जाएंगे। 38 किमी लंबी मोतीपुर-राजापट्टी वाया साहेबगंज एवं 25 किमी लंबी चकिया-केसरिया नई बीजी (बड़ी लाइन) रेल लाइन के सर्वे की सूचना से तीनों जिलों के लोगों में उम्मीदें बंधी है।

एक लाख लोगों ने पीएम को लिखा था पत्र।

बता दें कि मुजफ्फरपुर के पश्चिम इलाके में पड़ने वाले साहेबगंज और केसरिया अब तक रेल नेटवर्क से अछूता रहा है। इस इलाके में रेलवे लाइन के निर्माण के लिए हजारों ग्रामीणों और कई सामाजिक संस्थाओं ने लगातार प्रयास किया। मोतीपुर-साहेबगंज-राजापट्टी रेलखंड संषर्घ समिति की पहल पर एक लाख ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी मांग से अवगत कराया था। समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि सर्वे होने से रेललाइन निर्माण के लिए जरूरी तैयारी शुरू हो पायेगी।