बिहार में अब नहीं होगी बिजली की कमी, इस पावर प्लांट से शुरू हुआ 410 मेगायूनिट बिजली का उत्पात

एनटीपीसी बाढ़ थर्मल पावर स्‍टेशन के स्टेज -एक की पहली यूनिट से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो गया। 660 मेगावाट की इस इकाई से बिहार को 401 मेगावाट बिजली मिली। बाढ़ के स्टेज दो की 1320 मेगावाट की दो यूनिटों से बिहार को पहले ही 1198 मेगावाट बिजली मिल रही है।

बाढ़ स्टेज एक की पहली यूनिट को बीते 30 अक्टूबर को 72 घंटे तक लगातार चलाया गया था। केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग की शर्तों को पूरा करते हुए बिजली घर ने क्षमता से अधिक बिजली उत्पादन किया। इसके बाद ही इसे बिजली बेचने की अनुमति मिली। उसी क्रम में गुरुवार की रात 12 बजे से इस यूनिट से वाणिज्यक उत्पादन शुरू हो गया। निर्धारित कोटा के अनुसार बिहार को इस यूनिट से 401 मेगावाट बिजली मिलने लगी।

स्टेज -दो में 660 मेगावाट की दो और इकाई बन रही है। एक साल के भीतर इन दोनों यूनिटों से बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। बाढ़ स्टेज-दो की 660 मेगावाट की दो इकाइयों से बिहार को 90 प्रतिशत तो स्टेज-एक की 660 मेगावाट की तीनों इकाइयों से 60 फीसदी से अधिक बिजली बिहार को आवंटित है। बाकी बिजली झारखंड, ओड़िशा और सिक्‍किम राज्‍यों को आवंटित है।

एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र- एक के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक प्रवीण सक्सेना ने कहा कि टीम बाढ़ व सहायक एजेंसियों ने कोरोना महामारी की चुनौतियों के बीच इस उपलब्धि को जिस कार्यकुशलता और परियोजना प्रबंधन के नए प्रतिमानों के साथ हासिल किया है, वह अद्वितीय है। हम सभी को टीम- स्प्रिट के साथ-साथ योजनाबद्ध तरीके से स्टेज एक की अन्य दो इकाइयों को भी तय समय में चालू करना है।

वर्तमान में एनटीपीसी के पूर्वी क्षेत्र- एक के तहत बिहार, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल में कुल आठ परियोजनाओं में से सात परियोजनाओं की 9960 मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता है। जबकि 4490 मेगावाट से भी अधिक की परियोजनाएं निर्माणाधीन है। बाढ़ थर्मल पावर परियोजना के कार्यकारी निदेशक व परियोजना प्रमुख एसएन. त्रिपाठी ने कहा कि बाढ़ की कुल उत्पादन क्षमता 1320 से बढ़कर 1980 मेगावाट हो गई है। बिहार को 401 मेगावाट अतिरिक्त मिलने से बिहार में बिजली की खपत में लगातार बढ़ रही मांग को पूरा करने में सुविधा होगी। अभी एनटीपीसी से बिहार को 4575 मेगावाट बिजली आवंटित है।

नवीनगर की चौथी यूनिट का ट्रायल पूरा

वहीं दूसरी ओर औरंगाबाद में रेलवे व एनटीपीसी की साझा बिजली घर की चौथी इकाई का ट्रायल पूरा हो गया। 250 मेगावाट की इस इकाई को केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग की शर्तों के अनुसार लगातार 72 घंटे चलाया गया। इस इकाई को अब वाणिज्यिक उत्पादन की हरी झंडी मिल जाएगी। इस यूनिट से बिहार को 25 मेगावाट बिजली मिलेगी। बाकी बिजली का उपयोग रेलवे को करना है।