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बिहार, झारखण्ड और यूपी के इन जिलों के लिए पटना से चलेंगी 500 से अधिक नई बसें, देखिये रूट और भाड़ा

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा पीपीपी मोड पर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के लगभग 55 जिलों में आने-जाने के लिए 570 नई नन एसी और एसी बसें चलेंगी। इनमें पटना सहित प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में आने-जाने के लिए बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। 570 में पटना से समस्तीपुर, पूर्णिया, सिकन्दरा, जमुई, नवादा, सासाराम, गया, टाटा, गुमला, देवघर, रांची, हजारीबाग, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, बलिया सहित अन्य जिलों के लिए लगभग 250 बसें दी जाएंगी।

बस परिचालन करने के लिए लगभग 150 से अधिक बस मालिक बिहार राज्य पथ परिवहन निगम को अपना कोटेशन दे चुके हैं। ये सभी बस मालिक बसों को चलाने के लिए इच्छुक हैं। परिवहन विभाग के पदाधिकारी के मुताबिक, वैसे बस मालिक जो बस चलाने के लिए इच्छुक है, वह निगम के पास दस्तावेज भेज चुके हैं। अगले सप्ताह में स्क्रूटनी करके 25 दिसंबर तक निगम और बस मालिक के बीच एग्रीमेंट होगा।

निगम ने बस मालिकों से मांगा है कोटेशन

परिवहन निगम द्वारा पहली बार पीपीपी मोड पर 570 बसों के परिचालन का निर्णय लिया गया है। विभिन्न जिलों में औसतन लगभग 4-5 की संख्या बढ़ाई जाएगी। सभी बसें पीपीपी मोड पर चलेंगी। 150 बस परिचालन के लिए बस मालिक अपना कोटेशन दे चुके हैं। इसके अलावा लगभग 420 शेष बस बचे हैं। इसके लिए वाहन स्वामियों से बस चलाने के लिए कोटेशन मांगा जा रहा है। जिनके कागजात सही रहेंगे, उन्हें ही बुलाया जाएगा।

मनमाना किराया नहीं ले पाएंगे बस मालिक

परिवहन निगम के पदाधिकारी के मुताबिक, पीपीपी मोड पर चलने वाली बसों का किराया प्राइवेट की तुलना में कम होगा। इतना ही नहीं यात्रियों से मनमानी किराया नहीं वसूला जाएगा। निगम द्वारा संचालित होने वाली बसों में रेट चार्ट के अनुसार यात्रियों से टिकट शुल्क लिया जाएगा। निगम द्वारा तय किराये के अनुसार वाहन मालिक यात्रियों से किराया लेंगे, क्योंकि इन्हें परिवहन निगम ही संचालित करेगा। अगर सरकारी किराया 200 रुपए है तो बस मालिक 220 रुपए नहीं ले सकते हैं।

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