बिहार के स्कूली छात्रों ने बनाई अनोखा मशीन जो हवा की नमी से बना देता है पानी, जानिए कैसे काम करती हैं ये मशीन

बिहार के छात्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। वहीं ग्रामीण इलाके और छोटे शहरों के बच्चे भी बहुत बड़े-बड़े काम कर रहे हैं। ऐसे काम जिन पर ना सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश को गर्व हो रहा है। अब गया के स्कूली छात्रों ने ऐसा प्रोजेक्ट बनाया है जिसे पूरे देश के 300 स्कूलों में प्रथम स्थान मिला है। यह सफलता उसे खुली हवा की नमी से पानी बनाने में मिली है। स्कूल के छात्रों द्वारा बनाए गए एयर वाटर जनरेटर प्रोजेक्ट को भारत सरकार ने पेटेंट कराया है।

ऐसे काम करती है यह मशीन।

इस प्रोजेक्ट का नाम एयर वाटर जनरेटर है। एयर वाटर जनरेटर के माध्यम से हवा की नमी से पानी बनाया जाएगा जो कि सौ प्रतिशत शुद्ध व एनर्जी युक्त होगा।

यह मशीन दिन भर में दस से 15 लीटर हवा की नमी से पानी बनाने की क्षमता रखता है जो किसी भी एक परिवार के लिए पीन के लिए पर्याप्त है।

कई राउंड के टेस्टिंग के बाद कंट्रोलर ऑफ पेटेंट ने जिला स्कूल, गया के इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से गया जैसे ड्राई जोन क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति की सुविधा कम खर्च में उपलब्ध हो सकेगी। पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ वैसे इलाकों में भी यह मशीन काफी उपयोगी साबित होगी जहां का भूगर्भ जल दूषित है।

अब बाजार में आएगी यह मशीन।

छात्रों द्वारा बनाई गई यह मशीन सोलर सिस्टम से चलेगी। नीति आयोग भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मार्केट में लाने की जिम्मेदारी डेल एवं लर्निंग लिंक्स फाऊंडेशन (एलएलएफ) को दी है। इस पेटेंट में एटीएल इंचार्ज डॉ. देवेंद्र सिंह, छात्र प्रेम सागर, प्रीतम कुमार तथा श्रेया सिन्हा एप्लिकेंट एवं इन्नोवेटर है। अब चारों के बीच बांड भरा जाएगा।