बिहार के शहरी निकायों में अब देना होगा वाटर यूजर टैक्स, जानिए कितना लगेगा

राज्य के सभी शहरी निकायों में रहने वाले लोगों को वर्ष 2022 से वाटर यूजर टैक्स देना पड़ सकता है। अगस्त 2021 में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के सभी निकायों ने इस को लेकर तैयारी पूरी कर ली। नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी निकाय उस योजना के क्रियान्वयन को लेकर तैयारी रिपोर्ट मांगी थी जिसमें अधिकांश निकायों ने तैयारी पूरी होने की जानकारी दें।

देर से भुगतान करने पर देना होगा ब्याज।

शहरी निकायों के उपेक्षा अगर वाटर यूजर टैक्स का समय पर भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें एक फीसदी ब्याज के साथ अगली बार भुगतान करना होगा। अगर 1 साल तक भुगतान नहीं किया जाता है तो कनेक्शन काट दिया जाएगा और दोबारा कनेक्शन लगन लेने पर

उपभोक्ताओं से ₹1000 लिए जाएंगे। जिस तरह से बिजली बिल में बढ़ोतरी की जाती है उसी तरह से वाटर यूजर चार्ज में भी बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है।

प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही लिया जाएगा वाटर यूजर टैक्स।

वाटर यूजर टैक्स को अलग-अलग कैटेगरी में विभाजित किया गया है। व्यवसायिक उपयोग सरकारी संस्थान व गैर सरकारी संस्थानों के लिए अलग दर निर्धारित होगा वही घरेलू उपयोग के लिए अलग दर निर्धारित किया जाएगा। नगर आवास विभाग ने बिजली बिल के भुगतान तथा मोटर पंप पाइप लाइनें पानी टंकियों के रखरखाव के एवज में शुल्क लेने का निर्णय लिया है।

मोटर पंप के संचालन के लिए स्थाई पंप ऑपरेटरों की नियुक्ति का भी प्रावधान है।