बिहार के ये तीन शहर क्लीन इंडिया सर्वेक्षण में आये टॉप पर, देखिये लिस्ट

बिहार के तीन शहर मुंगेर, पटना और सोनपुर क्लीन इंडिया में टॉप पर पहुंचे हैं। गंगा किनारे के सबसे साफ शहरों में इन तीनों को ऊंचा मुकाम मिला है। एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मुंगेर ने दूसरे और पटना ने तीसरे पायदान पर परचम लहराया है। गंगा की धारा के पास शहर को भी साफ रखने में सोनपुर ने चौथे नंबर पर बाजी मारी है। सोनपुर को एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में यह उपलब्धि हासिल हुई है।

केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से कराए स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के परिणामों की घोषणा शनिवार को दिल्ली में की गई। इसमें गंगा की धारा से पवित्र होने वाले शहरों ने बिहार का मान बढ़ाया है। इस श्रेणी के एक लाख से कम आबादी वाले 43 शहरों में नौ बिहार के हैं। इनमें सुलतानगंज, बख्तियारपुर और तेघरा क्रमशः 16वें, 18वें और 19वें पायदान पर यानी आधे से ऊपर हैं। इसी तरह गंगा तट पर बसे शहरों की एक लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों में हाजीपुर सातवें, छपरा आठवें और बेगूसराय नौवें नंबर पर है। जमालपुर 20वें नंबर और दानापुर 24वें नंबर पर है।

सुपौल की जनता सबसे खुश

देश में 50 हजार से एक लाख की आबादी वाले शहरों में सुपौल की जनता अपने नगर प्रशासन से सबसे खुश है। इस श्रेणी की सिटीजन फीडबैक कैटेगेरी में सुपौल को सर्वेश्रेष्ठ होने का पुरस्कार मिला है। पूर्वी जोन की रैंकिंग में भी सुपौल सातवें नंबर पर है। 50 हजार से एक लाख की आबादी वाले शहरों के टॉप 10 में प्रदेश का केवल यही एक नगर है।

ये रहे कारण

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत प्रदेश के शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई थी। इसके तहत जगह-जगह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए। शहरों के नालों को गंगा की धारा में जाने से रोका गया। इसके अलावा खुले में शौच से मुक्ति के अभियान के तहत भी बड़ी संख्या में शौचालय बनाए गए।

ये होता तो और अच्छा होता

– अगर प्रदेश जिलों और शहरों की रैंकिंग में भी आगे आता

– अगर जोनल रैंकिंग में भी शहरों को ऊंचा पायदान मिलता

– सौ से अधिक नगर निकायों वाले प्रदेश की रैंकिंग में बिहार सबसे नीचे नहीं आता

इन पर है नाज

गंगा किनारे एक लाख से अधिक आबादी

मुंगेर – 2 नंबर पर

पटना- 3 नंबर पर

गंगा किनारे एक लाख से कम आबादी

सोनपुर- 4 नंबर पर

पूर्वी जोन-50 हजार-एक लाख आबादी

सुपौल- 07 नंबर पर