बिहार के नक्सल प्रभावित जिलों में बनेगें सड़क और पुल, देखिये किस ज़िला में कितना होगा खर्च

बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास की बयार बहने वाली है। वर्तमान में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क पुल पुलिया बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की धाम की समुचित व्यवस्था नहीं है। लेकिन केंद्र सरकार ने अब उग्रवाद से प्रभावित इन इलाकों में विकास की गति तेज करने की ठानी है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 173 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।

156 किलोमीटर की लंबाई के 29 सड़कों का होगा निर्माण।

बता दें कि नक्सल प्रभावित ग्रामीण इलाकों में मुख्य रूप से सड़कों का निर्माण कराया जाना है। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि गृह मंत्रालय ने पूर्व में समर्पित प्रस्‍ताव पर मुहर लगाते हुए 156 किमी की कुल लम्‍बाई के 29 पथों पर सहमति व्‍यक्‍त की। इसमें से कुछ सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अतिमहत्‍वपूर्ण है जो मूल प्रस्‍ताव में नहीं था। इन पथों की विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर एक महीने के अन्‍दर गृह मंत्रालय को भेजा जाना है। इन सभी सड़कों का निर्माण मार्च 2023 तक पूरा कर लेना है।

इन जिलों में होगा सड़कों का निर्माण।

बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने जानकारी दी कि, गया में 44 किमी सड़क का निर्माण 48.2 करोड़ की राशि से किया जाना है जिसमें बॉंके बाजार, डुमरिया इमामगंज और बाराचटटी प्रखण्‍ड के पथ शामिल हैं। औरंगाबाद में मदनपुर और देव प्रखण्‍ड में 75.2 करोड़ की राशि से 70.30 किमी पथ का निर्माण कराया जाना है। जमुई जिले में बरहट, लक्ष्‍मीपुर और चानन में 49.4 करोड़ की राशि से 42 किमी लम्‍बी सड़क का निर्माण किया जायेगा। इन सड़कों के निर्माण से नक्सल प्रभावित ग्रामीण इलाकों की आस पास के शहरों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। और सरकार के विकास कार्य एवं जनकल्याणकारी योजनाएं गांव – गांव तक पहुंच पाएंगे।