बिहार के कई रेलवे स्टेशनों से सफर करना पड़ेगा महंगा, जानिए कितने रुपये तक बढ़ सकता है किराया

बिहार के रेल यात्रियों को और अधिक किराया देने के लिए तैयार रहना चाहिए। रेलवे बिहार के कई स्टेशनों को विकसित कर विश्व स्तरीय बनाने की कोशिश कर रहा है। स्टेशनों के विकास पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाने हैं। बिहार में गया, राजेंद्र नगर टर्मिनल, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, सीतामढ़ी, बरौनी और दरभंगा स्टेशन को रेलवे स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत विकसित किया जाना है। रेलवे की योजना है कि स्‍टेशनों के पुनर्विकास में खर्च होने वाली राशि रेल यात्रियों से वसूल की जाए। इसके लिए स्टेशनों से यात्रा शुरू और खत्म करने वाले यात्रियों से यूजर चार्ज वसूल किया जाए।

10 से 35 रुपए तक यूजर चार्ज वसूल करने की योजना

रेलवे स्‍टेशन पुनर्विकास योजना में शामिल ठहरावों के लिए यह यूजर चार्ज अलग-अलग श्रेणियों में यात्रा के लिए अलग-अलग होगा। सामान्य श्रेणी के यात्रियों को कम पैसे जबकि उच्च श्रेणी के यात्रियों को यात्रा के लिए अधिक पैसे यूजर चार्ज के रूप में देने होंगे। इसके लिए रेलवे ने प्रारूप तैयार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार सामान्‍य श्रेणी के लिए 10 रुपए जबकि एसी क्‍लास के लिए 35 रुपए तक यूजर चार्ज वसूल किया जा सकता है।

दूसरे स्‍टेशनों के विकास पर खर्च होंगे ये रुपए

यूजर चार्ज से मिले रुपए रेलवे दूसरे स्‍टेशनों के विकास पर खर्च करेगा। कोरोना काल में रेलवे के संसाधनों पर काफी दबाव पड़़ा है। ट्रेनों का परिचालन लंबे अरसे तक बाधित रहने से रेलवे की आमदनी पर काफी असर पड़ा है। ऐसी हालत में रेलवे स्‍टेशनों के विकास के लिए रेलवे फंड इकट्ठा करने के लिए नई तरकीबें लगा रहा है। बिहार के तमाम स्‍टेशनों पर हाल के वर्षों में एस्‍केलेटर और लिफ्ट जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। इससे रेल यात्रियों की सहूलियतें बढ़ी हैं। इसके अलावा आमदनी बढ़ाने के लिए रेलवे ने ट्रेनों की गति बढ़ाकर उन्‍हें सुपरफास्‍ट में तब्‍दील किया है। सुपरफास्‍ट ट्रेनों के लिए पहले ही अतिरिक्‍त किराया देना पड़ता है।