बिहार के इन चार जिलों में सप्लाई किया जाएगा गंगा का शुद्ध पेयजल, जानिए पहला ज़िला कौन सा है

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1,अणे मार्ग स्थित संकल्प में जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत पेयजल हेतु गंगा जल उद्वह योजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजीव हंस ने जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत पेयजल हेतु गंगा जल उदवह योजना के कार्य की प्रगति के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने हथीदह-मोकामा में इन्टेक वेल-सह-पंप हाउस, मोतनाजे स्थित डिटेंशन टैंक-सह-पंप हाउस, मोतनाजे स्थित जल-शोधन संयंत्र, राजगीर जलाशय अर्दन डैम, तेतर जलाशय अदेन डैम एवं अबगिल्ला मानपुर स्थित जल-शोधन संयत्र के कार्य की भौतिक प्रगति की जानकारी दी।

योजना का कार्य मार्च 2022 तक होगा पूरा।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में राजगीर, गया एवं बोधगया में तथा द्वितीय चरण में नवादा शहर के लिए इस जलापूर्ति योजना पर काम किया जा रहा है। हथीदह-मोतनाजे-तेतर-अबगिल्ला तक कुल 150 किलोमीटर की पाइप लाईन में से लगभग 118 किलोमीटर पाईप बिछाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जल संसाधन विभाग के सचिव ने बताया कि मूल योजना का कार्य मार्च 2022 तक पूर्ण हो जाएगा और जल वितरण का कार्य जून 2022 तक आरंभ करने का लक्ष्य रखा गया है।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर, गया, बोधगया एवं नवादा में गंगा जल उद्वह योजना के तहत सभी लोगों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना को पूर्ण करने को लेकर जो समय सीमा निर्धारित की गई है उस लक्ष्य पर तेजी से काम करें। स्पॉट पर जाकर एक-एक चीज का आकलन करें ताकि सभी लोगों को जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नवादा में भी इस योजना पर तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने बताया कि सरकार ने राजगीर में विकास के कई कार्य किए हैं। वहां पर बढ़ती आबादी को देखते हुए जलापूर्ति योजना पर काम किया जाए। हमें भूजल स्तर को मेंटेन रखना है इसके लिए लोगों को प्रेरित करें।