बिहार के इन आठ जिलों में फिर से शुरू होगी बालू खनन, आप भी इतने रूपये में ले सकते हैं टेंडर

बिहार में खनिज विकास खनन निगम ने आठ जिलों में नए सिरे से बालू का खनन शुरू करने के लिए नई एजेंसियों की तलाश शुरू कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बालू खनन पर लगी रोक हटाए जाने के बाद खान एवं भू-तत्व विभाग ने खनिज निगम के माध्यम से नई एजेंसियों की तलाश शुरू की है। कोर्ट का निर्देश था कि एजेंसी चयन का काम खनिज विकास निगम के माध्यम से होना चाहिए। उम्मीद है कि चार दिसंबर तक एजेंसियों का चयन कर लिया जाएगा। पटना में बालू खनन के लिए 23 नवंबर तक निविदा का फैसला हो जाएगा।

पटना, सारण, भोजपुर, गया, औरंगाबाद, रोहतास, जमुई और लखीसराय जिलों की नदियों से नए सिरे से बालू का खनन होना है। एक अक्टूबर हो ही राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि, पर्यावरणीय स्वीकृति के पुराने प्रमाण-पत्रों के आधार पर एजेंसी या ठीकेदार चयन के विरोध में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में मामला दायर होने के बाद एजेंसी चयन की प्रक्रिया रोक दी गई थी। अभी हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने खनन पर लगी रोक को निरस्त करते हुए एजेंसी चयन के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद अब निगम ने एजेंसी चयन का काम शुरू कर दिया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि चार दिसंबर तक एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

पटना में बालू घाटों की बंदोबस्ती 23 तक, निविदा प्रकाशित

न्यूनतम 70 लाख और अधिकतम तीन करोड़ बोली का विकल्प

पटना में खनन विभाग ने न्यूनतम 70 लाख से तीन करोड़ रुपए से अधिक की उच्चतम बोली लगाने का विकल्प दिया है। 16 नवंबर को निविदा पेपर डाउनलोड कर 23 नवंबर तक जमा करने का मौका दिया गया है। 23 नवंबर को ही निविदा खोली जाएगी और अधिकतम बोली लगाने वालों की सूची 25 नवंबर तक जारी कर दी जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार पटना में 51 बालू घाट का निर्धारण बालू खनन नीति 2019 के तहत किया गया है। नई नीति के तहत अधिकतम लोगों को रोजगार से जोडऩे के उद्देश्य से एक व्यक्ति अथवा फर्म को अधिकतम दो घाटों को बंदोबस्त किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पटना सहित आठ जिले में बंदोबस्ती में पर्यावरण प्रदूषण के मानक को देखते हुए बालू घाटों की बंदोबस्ती खनन के लिए किया जाएगा।