बिहार का पहला एक्सप्रेस-वे का निर्माण अगले साल से शुरू होगा, जानिए किन जिलों से होकर गुज़रेगी

बिहार के पहले एक्सप्रेस-वे का निर्माण अगले साल से शुरू हो जाएगा। रत्नमाला परियोजना फेस 2 के गति शक्ति योजना के तहत पटना से कोलकाता तक करीब 495 किलोमीटर की लंबाई में सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाएगा। सरकार ने 2024-25 तक इस पर आवागमन शुरू कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पिछले दिनों केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

इन शहरों से होकर गुजरेगी यह सड़क।

जानकारी के अनुसार यह एक्सप्रेसवे बिहार से शेखपुरा, सिकंदरा, चकई, मधुपुर, जामताड़ा से दुर्गापुर, पानगढ़ ढालकुनी होते हुए कोलकाता जाएगा। इसके निर्माण की अनुमानित लागत 17900 किलो रुपए हैं। इसका मूल एलाइनमेंट बिहार शरीफ से शुरू होना है लेकिन इसे पटना से भी कनेक्टिविटी दी जानी है। बता दें कि यह सड़क पूरी तरह से नई ग्रीन फील्ड होगी साथ ही इसमें बीच में गाड़ियों का प्रवेश नहीं हो सकेगा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह एक्सप्रेस-वे पटना बख्तियारपुर फोरलेन होते हुए बख्तियारपुर रजौली से निकलेगा नालंदा से इस एक्सप्रेस वे का एलाइनमेंट अलग हो जाएगा। बता दें कि वर्तमान में बिहार से कोलकाता जाने के लिए एकमात्र सड़क जीटी रोड है।

पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि केंद्र सरकार से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पर भी अगले महीने तक मंजूरी मिलने की संभावना है। ऐसे में इस एक्सप्रेस वे पर अगले साल से काम शुरू होने की संभावना है।

चल रही है जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया

एनएचएआइ बिहार के क्षेत्रीय पदाधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल चंदन वत्स ने कहा कि यह सड़क बिहार के लिए बहुउपयोगी साबित होगी. फिलहाल औरंगाबाद से पटना के बीच तेजी से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है जो जनवरी तक पूरी होने की संभावना है. इसके बाद पहले चरण में औरंगाबाद से पटना के बीच निर्माण कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित किया जायेगा. मार्च 2021 से पहले चरण का निर्माण शुरू होने की संभावना है. इसके बाद पटना से दरभंगा के बीच भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मार्च, 2021 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.

Note: तस्वीर काल्पनिक है।