बिहार का चौथा एक्सप्रेस-वे इन 10 जिलों से होकर गुजरेगी, यूपी और बंगाल जाने में होगी सुविधा

गोरखपुर से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक एक्सप्रेस-वे का निर्माण होगा। केंद्र सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। यह एक्सप्रेस-वे गोरखपुर से शुरू होकर बिहार के गोपालगंज में प्रवेश करेगा। इसके बाद सीवान, छपरा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, किशनगंज होते हुए सिलीगुड़ी जाएगा।

इस एक्सप्रेस-वे का पूरा हिस्सा ग्रीनफील्ड होगा। किसी पुरानी सड़क को एक्सप्रेस-वे में शामिल नहीं करने की योजना है। इस एक्सप्रेस-वे का यूपी में गोरखपुर-आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेस-वे सहित अन्य सड़कों से भी जुड़ाव होगा। इस तरह सिलीगुड़ी से यूपी के प्रमुख शहरों के साथ ही दिल्ली आना-जाना आसान होगा।

अभी तक नहीं है कोई सीधी सड़क

पथ निर्माण विभाग में इस सड़क को साकार करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अभी गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच कोई सीधी सड़क नहीं है। इस कारण गोरखपुर से सिलीगुड़ी की दूरी तय करने में काफी समय लग जाता है। जबकि प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से दोनों शहरों के बीच की दूरी घटकर 600 किलोमीटर से भी कम हो जाएगी। इससे न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि व्यापार के नए रास्ते भी इससे खुलेंगे। छह- आठ लेन की बनने वाली इस एक्सप्रेस-वे में से 416 किलोमीटर बिहार से होकर गुजरेगी। यानी, इसके निर्माण से बिहार को अधिक लाभ होगा।

उत्तरप्रदेश में सबसे अधिक एक्सप्रेस-वे

देश में अभी लगभग 1800 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो चुका है। इनमें सबसे अधिक उत्तरप्रदेश में 930 किमी एक्सप्रेस-वे है। यूपी में अभी लगभग एक हजार किलोमीटर और एक्सप्रेस-वे के निर्माण का कार्य जारी है। जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तामिलनाडू, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों में सात हजार किमी से अधिक एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है।

बिहार का चौथा एक्सप्रेस-वे होगा

गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित यह सड़क बिहार का चौथा एक्सप्रेस-वे होगा। औरंगाबाद से जयनगर के बीच एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इस सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण का काम हो चुका है और जल्द ही इसका टेंडर जारी होगा। वहीं दूसरा एक्सप्रेस-वे रक्सौल से पटना होते हुए कोलकाता तक का होगा। भारतमाला-दो के तहत इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। तीसरा एक्सप्रेस वे बक्सर से भागलपुर के बीच प्रस्तावित है। अब गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच तीसरे एक्सप्रेस-वे निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। इस एक्सप्रेस-वे का यूपी में गोरखपुर-आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेस-वे सहित अन्य सड़कों से भी जुड़ाव होगा। इस तरह सिलीगुड़ी से यूपी के प्रमुख शहरों के साथ ही दिल्ली आना-जाना भी आसान होगा।

पथ निर्माण विभाग के मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि गोरखपुर से सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण से सबसे अधिक बिहार को लाभ होगा। विशेषकर उत्तर बिहार के लिए यह सड़क वरदान साबित होगा। इससे लोगों का सफर आसान होगा और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।