बिहार और झारखंड से पुणे जाने वाले रेल यात्रीयों के लिये अच्छी खबर, जसीडीह-पुणे एक्सप्रेस ट्रेन का हुआ शुभारंभ

संताल परगना के लोगों को लगातार तीसरे दिन नयी ट्रेन का तोहफा मिला है. सोमवार को जसीडीह-पुणे एक्सप्रेस (01428) साप्ताहिक ट्रेन को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झंडी दिखा कर जसीडीह स्टेशन से पुणे के लिए रवाना किया. केंद्रीय रेल मंत्री दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे.

जसीडीह स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आयोजित समारोह में गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने ट्रेन को हरी झंडी दिखायी. उनके साथ देवघर विधायक नारायण दास, डीआरएम परमानंद शर्मा भी मौजूद थे. यह ट्रेन तीन पवित्र स्थल व तीन ज्योतिर्लिंग को जोड़ेगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा : यह देश की तीन सांस्कृतिक कड़ियों को जोड़ेगी.

जसीडीह से गया के रास्ते पुणे तक जाने वाली ट्रेन नंबर 01428 जसीडीह-पुणे सुपरफास्ट ट्रेन शाम 6 बजे गया जंक्शन पर पहुंची। कुछ देर तक रुकने के बाद वह छह बजकर 25 मिनट पर रवाना हुई। यह ट्रेन मंगलवार की रात्रि 11 बजे पुणे पहुंचेगी। ट्रेन गया बेस की गाड़ी होने के कारण गार्ड व ड्राइवर ने गया जंक्शन पर पहुंचने पर काफी उत्साह और खुशी जाहिर की। पूरी ट्रेन फूलों की माला से सज-धजकर गया जंक्शन पहुंची थी। इस दौरान याचिका समिति के सभापति सह गया शहर के विधायक डा. प्रेम कुमार ने ट्रेन को हरी झंडी दिखा गया से रवाना किया। प्रेम कुमार ने कहा कि बहुत दिनों से गयावासियों की मांग थी कि गया से पुणे के लिए कोई ट्रेन हो, जो अब जाकर पूरी हो गई। बैजनाथ धाम व साईबाबा तीर्थ को एक साथ जोड़ेगी यह ट्रेन।

यह ट्रेन झारखंड के संताल परगना से खुल कर बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र पहुंचेगी. इससे बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी. इंट्रा-स्टेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी. यह ट्रेन क्षेत्र में औद्योगिक, शिक्षा व आर्थिक विकास को गति देगी. इससे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा. यह ट्रेन झारखंड और महाराष्ट्र के बीच सीधे संपर्क का मार्ग प्रशस्त करेगी. झारखंड के लोगों को महाराष्ट्र के औद्योगिक रूप से विकसित क्षेत्रों के साथ अधिक संपर्क का लाभ मिलेगा.

केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा :

इस ट्रेन से सबसे अधिक नौजवान साथियों को सुविधा मिलेगी. वे इंजीनियरिंग पढ़ने पुणे जाते हैं, उन्हें सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध होगी. उन्होंने कहा : प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह अपने जीवन काल में जिस परिस्थिति से गुजरे हैं, वह दिन आज के नौजवानों को देखने को नहीं मिले, इसलिए सभी क्षेत्र में विकास कर रहे हैं.