बिना टिकट यात्रा कर रहे बिजली विभाग के जेई का टीटीई ने काटा चालान। जेई साहब ने काट दी पूरे स्टेशन की बिजली

बदायूं रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने आरोप लगाए हैं कि बिजली विभाग के जेई ने जानबूझकर बदायूं स्टेशन की बिजली काट दि। उन्होंने बताया कि बगैर टिकट यात्रा कर रहे बिजली विभाग के जेई का बदायूं स्टेशन पर टीटीई ने चालान कर दिया था। इसके आधे घंटे बाद जेई के जाते ही स्टेशन की बिजली काट दी गई। यह बदले की भावना से की गई कार्रवाई। वहीं बिजली विभाग के अधिकारी यह सफाई दे रहे हैं कि ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी होने की वजह से की बिजली सप्लाई बंद हो गई थी।

दरअसल, यह हैरान करने वाली घटना बदायूं रेलवे स्टेशन पर पिछले दिनों रात पौने 11 बजे की है। बदायूं रेलवे स्टेशन पर बरेली से कासगंज से जाने वाले ट्रेन आकर रुकी थी। ट्रेन रुकते ही टीटीइ पीके शुक्ल हमेशा की तरह स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों के टिकट चेक रहे थे। इस दौरान टीटीइ पीके शुक्ल ने बिजली विभाग के अवर अभियंता समेत चार लोगों को बिना टिकट पकड़ लिया। टीईटी ने जुर्माना करने की बात कही तो विवाद हो गया। इसके बाद टीईटी ने आरपीएफ को बुला लिया। इसके बाद टीटीई ने चारों की 1120 रुपये की रसीद काट दी। बताया जा रहा है कि इस दौरान जेई ने स्टेशन की लाइन काटने की धमकी भी दी। हालांकि जुर्माना भरकर वे चले गए। जेई के स्टेशन से जाने के करीब आधे घंटे बाद ही स्टेशन की बिजली कट गई।

स्टेशन मास्टर ने इस बाबत जब बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की तो उन लोगों ने पहले बताया कि ट्रांसफार्मर फूक गया है। फिर बताया गया कि ट्रांसफार्मर की लीड निकल गई है। स्टेशन पर और रेलवे कॉलोनी में पूरी रात अंधेरा पसरा रहा। जेनरेटर चलाकर थोड़ी बहुत बिजली सप्लाई की गई। अगले दिन सुबह जाकर बिजली बहाल हुई। स्टेशन मास्टर पारसनाथ मौर्य का कहना है कि बगैर टिकट पकड़े जाने पर बिजली काटने की धमकी दी थी और उनके जाने आधी बिजली चली गई।

वहीं बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता का कहना है कि जानबूझकर बिजली नहीं काटी गई है, ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई थी।

बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी मेरठ में जब एक बिजली विभाग के कर्मी का पुलिस वालों से विवाद हो गया तो उन्होंने पूरे थाने की बिजली काट दी।