बाबा के दर्शन के लिये E-Pass जरुरी, आज से रजिस्ट्रेशन शुरू, कल से करें दर्शन

बाबा बैद्यनाथ मंदिर गुरुवार से नहीं शुक्रवार से आम श्रद्धालुओं के लिए खुलने की संभावना है. जिला प्रशासन ने ई-पास के लिए जो वेबसाइट में व्यवस्था की है, उसके अप्रूवल के लिए NIC को भेज दिया गया है. अप्रूवल मिलते ही वेबसाइट का लिंक शेयर कर दिया जायेगा. लिंक सार्वजनिक होते ही आम श्रद्धालु बाबा मंदिर में जलार्पण/पूजा के लिए E-Pass का अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. यह जानकारी डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने दी.

उन्होंने बताया कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर में रोजाना सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक आम श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा. हर दिन 10 घंटे पट खुला रहेगा, जिसमें प्रति घंटे 100-100 श्रद्धालुओं को जलार्पण/दर्शन की अनुमति होगी. कोविड गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए अभी प्रतिदिन 1000 श्रद्धालु ही बाबा मंदिर में पूजा कर पायेंगे. बिना E-Pass के किसी भी श्रद्धालु को बाबा मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा.

सोशल साइट के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. E-Pass के लिए देवघर प्रशासन की अॉफिशियल वेबसाइट पर ही रजिस्ट्रेशन होगा. डीसी ने कहा कि मंदिर में भीड़ नियंत्रित रहे, इसकी पूरी व्यवस्था की जा रही है. इसमें पुरोहित समाज और आम भक्तों से सहयोग की अपील है.

रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य

बाबा मंदिर में प्रवेश के लिए जो लोग भी E-Pass के लिए अॉनलाइन आवेदन करेंगे, इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा. कोविड संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अभी 18 वर्ष से नीचे के किसी भी भक्त को बाबा मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा. साथ ही जिला प्रशासन विचार कर रही है कि E-Pass सिस्टम में कोविड वैक्सीन का कम से कम एक डोज लिए व्यक्ति को ही पास निर्गत हो. इस व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है.

मंदिर आसपास और शहरी क्षेत्र में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था रहेगी

कोविड गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन करवाने के लिए बाबा मंदिर और आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे. इसके लिए मंदिर और मंदिर के बाहर पालीवाल पुलिस व दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जा रही है. देवघर जिला बल और जैप के जवानों को बाबा मंदिर की व्यवस्था में तैनाती की तैयारी है. मंदिर इतने दिनों बाद खुल रहा है. सावन खत्म हो गया है और भादो भी समाप्ति की ओर है. ऐसे में काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा मंदिर आ सकते हैं. इसलिए अतिरिक्त फोर्स की भी तैनाती होगी.