पटना मेट्रो के एलिवेटेड रूट का काम हो गया शुरू, देखिये कहाँ से कहाँ तक बनेगा

पटना मेट्रो (Patna Metro) के एलिवेटेड रूट में आने वाले बिजली के सभी तार भूमिगत किए जाएंगे। कारिडोर-दो के प्रायोरिटी रूट राजेंद्रनगर से बैरिया स्थित पाटलिपुत्र आइएसबीटी तक तार को भूमिगत करने का काम शुरू भी हो गया है। बिजली कंपनी से एनओसी मिलने के बाद पटना मेट्रो अपने स्तर से खुद यह काम करा रहा है। इस रूट में पटना जंक्शन से राजेंद्रनगर तक सात मेट्रो स्टेशन भूमिगत होंगे। राजेंद्रनगर मेट्रो स्टेशन के बाद ही मेट्रो धीरे-धीरे एलिवेटेड होंगी। इसके लिए पिलर निर्माण का काम काफी पहले शुरू हो चुका है, जो अब आकार भी लेने लगा है।

मलाही पकड़ी से पाटलि‍पुत्र आइएसबीटी तक सबसे पहले शुरू होगा काम

पटना मेट्रो के पहले चरण में मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र आइएसबीटी तक 6.6 किलोमीटर का एलिवेटेड रूट सबसे पहले शुरू करने का लक्ष्य है। इस रूट में मेट्रो के पांच स्टेशन मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और आइएसबीटी होंगे। इसके अलावा कोरिडोर-एक में दानापुर से पाटलिपुत्र स्टेशन तक बनने वाले एलिवेटेड रूट के लिए भी बिजली के तार हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके लिए बिजली कंपनी से एनओसी ली जा रही है।

एनएचएआइ से भी मिली एनओसी

जीरोमाइल के पास पटना-गया हाईवे से गुजरने वाले पटना मेट्रो के लिए एलिवेटेड ट्रैक के लिए भी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से एनओसी मिल गई है। यहां जीरोमाइल से आइएसबीटी डिपो तक ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिससे मेट्रो गुजरेगी।

लोन मिलते ही शुरू होगा भूमिगत स्टेशनों का काम

फिलहाल पटना मेट्रो के लिए एलिवेटेड रूट पर ही काम शुरू हुआ है। भूमिगत मेट्रो स्टेशन का काम भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। आइएसबीटी डिपो के लिए जमीन अधिग्रहण की बाधा दूर होते ही जायका से लोन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के अनुसार, जायका से लोन के लिए पटना मेट्रो के पास न्यूनतम एक हजार का एसेट यानी संपत्ति होनी जरूरी थी। जमीन अधिग्रहण होते ही जायका से लोन मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद भूमिगत स्टेशनों का भी काम शुरू होगा। पटना मेट्रो के दोनों कारिडोर मिलाकर 26 स्टेशन बनाए जाने हैं, जिसमें 13 स्टेशन भूमिगत जबकि 13 स्टेशन एलिवेटेड हैं।