पटना मेट्रो का काम होगा और तेजी से, इन अंतरराष्ट्रीय संस्थान ने दिखाई दिलचस्पी

जल्द ही पटना मेट्रो का काम और रफ्तार पकड़ सकता है। हाल ही में मेट्रो डिपो की भूमि की समस्या दूर होने के बाद अब आर्थिक समस्या भी लगभग दूर हो गई है। अलग-अलग संस्थानों से आर्थिक मोर्चे पर मेट्रो के पास प्रस्ताव आ रहे हैं। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के बाद अब एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने भी पटना मेट्रो प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाई है। सूत्रों के अनुसार एडीबी के अधिकारियों ने इस बारे में पटना मेट्रो के सीनियर पदाधिकारियों से मुलाकात भी की है।

इतनी करोड़ राशि का आएगा खर्च।

बता दें कि जायका के साथ मेट्रो निर्माण के ऋण के लिए पहले ही करार हो चुका है मगर राशि अभी जारी नहीं हुई है। एडीबी के साथ अगर बात बनती है तो मेट्रो के संभावित विस्तार की योजना बन सकती है। जानकारी के अनुसार पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लागत 13,365 करोड़ रुपए संभावित है। इसमें 20- 20 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होगी। बाकी 60% वित्तीय संस्थान से ऋण लिया जाएगा।

इन एलिवेटेड स्टेशनों का चल रहा है काम।

वर्तमान में पटना मेट्रो का काम मुख्य रूप से प्राथमिकता वाले कोरिडोर में ही चल रहा है। यह मलाही पकरी से आईएसबीटी तक 6.6 किलोमीटर का एलिवेटेड रूट है। इस रूट में मेट्रो के पांच स्टेशन मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरोमाइल और आईएसबीटी होंगे। अभी पिलर ढलाई का काम चल रहा है। करीब 100 से अधिक पिलर आकार लेने लगे हैं। इस रूट पर 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा जल्द ही पटना मेट्रो के भूमिगत स्टेशनों का काम भी शुरू होगा।