पटना–बक्सर हाईवे: सिर्फ 17 किलोमीटर के लिए ₹500 टोल टैक्स, राज्य सरकार के प्रस्ताव को एनएचएआई ने बताया अव्यावहारिक

राजधानी पटना को वाराणसी से जोड़ने वाले फोरलेन सड़क में अब कुछ समस्याएं सामने आ रही है। पहले से ही यह प्रोजेक्ट काफी लेट चल रहा है। इसके पूर्व में भी राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच सहमति न बन पाने की वजह से इसको तीन हिस्सों में कंप्लीट किया जा रहा था। इसमें पहला हिस्सा बक्सर से लेकर के भोजपुर जिले के कोईलवर तक बनना था। दूसरा हिस्सा कोईलवर से बिहटा तक सोन नदी पर पुल था।

और तीसरा हिस्सा बिहटा से दानापुर तक था।

आपको बता दें कि बेटा से दानापुर तक 17 किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनना था। लेकिन अब यह मामला फंसता दिख रहा है। एनएचएआइ ने सड़क के इस हिस्‍से के लिए राज्‍य सरकार के प्रस्‍ताव को अव्‍यवहारिक बताया है।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एनएचएआई ने बताया कि एलिवेटेड रोड बनाना कहीं से भी व्यावहारिक नहीं है। वर्तमान में जो प्रावधान हैं उसके अनुसार एलिवेटेड रोड के लिए टोल टैक्स वसूला जाएगा। और बेटा से दानापुर के लिए, मात्र 17 किलोमीटर के लिए लोगों को ₹500 टोल टैक्स देने पड़ेंगे। तो लोग इससे बचने के लिए नीचे वाली सड़क का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में एलिवेटेड रोड बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मंत्री नितिन गडकरी के साथ पिछले दिनों इस प्रोजेक्ट के संबंध में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन की बैठक हुई थी। बैठक में एनएचएआइ के अधिकारी भी मौजूद थे। एनएचएआई का कहना है कि राज्य सरकार एलिवेटेड रोड के तहत 24 मीटर आरओडब्ल्यू का चार लेन सड़क बनाना चाहती है। और फिर 2 जून को सरकार ने कहा कि 24 मीटर की जगह 45 मीटर का आर ओ डब्ल्यू बनना चाहिए। जिसे एनएचएआई मानने को तैयार नहीं है।

वही राज्य सरकार का कहना है कि एलिवेटेड रोड ही मात्र एक विकल्प है। अगर पुराने एलाइनमेंट से सड़क बनाई गई तो भूमि अधिग्रहण करना काफी मुश्किल होगा। बहुत सारे पक्के मकानों को तोड़ना पड़ेगा।