निर्मला सीतारमण ने कहा सरकार आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए हर जरूरी कदम उठाने को है तैयार

करोना का असर हर क्षेत्र पर पड़ा है, चाहे वह उद्योग जगत हो शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर कोई भी क्षेत्र. हर क्षेत्र ने कोरोना के मार को झेला है. इसी बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को उद्योग जगत को यह भरोसा दिलाया।

निर्मला सीतारमण ने उद्योग मंडल सीआईआई की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए लगाई गई पाबंदियों को हटाए जाने के बाद से अर्थव्यवस्था में आने वाली संकेत देखने को मिल रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष में अब तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 37 %की बढ़ोतरी हुई है। और विदेशी मुद्रा भंडार जुलाई में बढ़कर 620 अरब डॉलर तक चला गया।उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार सुधारों को लेकर प्रतिबद्ध है। यहां तक कि महामारी के दौरान भी सरकार ने सुधारों को आगे बढ़ाया गया।

उन्होंने उद्योग जगत को आगे आने और अर्थव्यवस्था में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस वित्त वर्ष में 1.75 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करंने के लिए कृतसंकल्प है। एयर इंडिया, भारत पेट्रोलियम , बीईएमएल , शिपिंग कॉरपोरेशन और कंटेनर कॉरपोरेशन का निजीकरण इसी साल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में इकॉनमी को उबारने के लिए सरकार आरबीआई के साथ मिलकर काम कर रही है।

सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी उस स्तर पर नहीं पहुंची है कि केंद्रीय बैंक लिक्विडिटी को वापस लेना शुरू कर दे।