नक्सलियों को हथियारों की सप्लाई करता था CRPF का जवान, झारखंड ATS ने किया गिरफ्तार

झारखंड में एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी समेत झारखंड-बिहार के बड़े आपराधिक गिरोहों को हथियार-कारतूस की सप्लायी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। झारखंड एटीएस ने इस मामले में कार्रवाई कर बिहार एसटीएफ की मदद से पुलवामा में पोस्टेड सीआरपीएफ के जवान अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू को गया से, पेशे से ठेकेदार ऋषि कुमार को पटना व जमीन व कोयला कारेाबार से जुड़े एक शख्स पंकज कुमार सिंह को रांची से गिरफ्तार किया है।

एटीएस एसपी प्रशांत आनंद ने बताया कि अबतक की पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि अपराधियों के द्वारा भाकपा माओवादियों को भारी संख्या में एके 47, इंसास और एक हजार से अधिक कारतूस की सप्लायी की गई है। गिरोह ने जेल में बंद अपराधी अमन साव, शेरघाटी जेल में बंद हरेंद्र यादव और गया जेल में बंद लल्लू खान के गिरोह को हथियार की सप्लायी की जाती थी।

नागलैंड-असम से आती थी हथियार की खेप

एटीएस एसपी प्रशांत आनंद ने बताया कि गिरोह के अपराधी नागालैंड व असम से हथियार व कारतूस लाते थे। इसके बाद इसकी सप्लायी माओवादियों और आपराधिक गिरोहों को की जाती थी। एटीएस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि केंद्रीय पारा मिलिट्री फोर्स को आवंटित किया जाने वाला हथियार या कारतूस तो अपराधियों के सहारे माओवादियों या आपराधिक गैंग तक नहीं पहुंचा।

एटीएस एसपी ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में कई तथ्य आए हैं। इन तथ्यों की पड़ताल के लिए एटीएस डीएसपी आशुतोष कुमार सत्यम और भोकला प्रसाद के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। पुलिस ने अपराधियों के पास से इंसास की 450 गोलियां बरामद भी की है।

ठेकेदार संजय सिंह और मुजाहिर के जिम्मे है माओवादियों को हथियार सप्लायी

एटीएस एसपी ने बताया कि गिरफ्तार ऋषि कुमार रांची के हटिया में रहकर ट्रांसपोर्टेशन का काम करता था। एयरपोर्ट रोड में वह भवन निर्माण का भी काम कर रहा था। इसी दौरान वह ठेकेदार संजय सिंह और मुजाहिर के संपर्क में आया। दोनों ठेकेदार चाईबासा- सरायकेला में सड़क निर्माण का कार्य कर रहे थे। माओवादियों ने उन ठेकेदारों को गोली उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी थी। जिसके बाद ऋषि ने अविनाश और पंकज की मदद से माओवादी कमांडर पतिराम मांझी तक एक हजार से अधिक गोलियां पहुंचायीं।

एटीएस की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि संजय सिंह ने बैंक खातों व नकद राशि का भुगतान ऋषि समेत अन्य को किया। संजय सिंह भी बिहार, झारखंड के अलावा असम व नागालैंड के तस्करों के संपर्क में था। एटीएस को संजय सिंह की भी तलाश है।