दो साल बाद रेलवे पटना जंक्शन पर शुरू करने जा रही ये खास सुविधा, जाने आपको क्या मिलेगा फ़ायदा

कोरोना संक्रमण से हालात सामान्‍य होने के बाद रेलवे अपनी एक बड़ी सुविधा करीब डेढ़ वर्ष के बाद शुरू करने लगा है। हालांकि पटना जंक्‍शन पर यह सुविधा पूरे 26 महीने यानी दो साल से भी अधिक अरसे के बाद शुरू होने की उम्‍मीद जगी है। दानापुर मंडल के पटना जंक्शन पर यात्रियों को रिटायरिंग रूम और डोरमेट्री की सुविधाएं पहले की तरह ही मिलने लगेंगी। पूरे 26 माह बाद पटना जंक्शन के रिटायरिंग रूम को यात्रियों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। हालांकि इसे तीन सितारा होटल की तर्ज पर विकसित करने का सपना पूरा नहीं हो पाया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन की योजना परवान पकड़ने के पहले ही धराशायी हो गई। आपको बता दें कि कोविड संक्रमण के कारण करीब डेढ़ साल तक पूरे देश के रेलवे स्‍टेशनों पर रिटायरिंग रूम की सुविधा बंद कर दी गई थी।

तीन सितारा होटल की तर्ज पर विकसित करने की थी योजना

आधिकारिक सूत्रों में मिली जानकारी के मुताबिक पटना जंक्शन के रिटायरिंग रूम को तीन सितारा होटल की तर्ज पर विकसित करने के लिए दानापुर रेल मंडल प्रबंधन की ओर से इसे आईआरसीटीसी के हवाले कर दिया गया था। आईआरसीटीसी की ओर से 25 माह पहले इस रिटायरिंग रूम को विकसित करने के लिए हैदराबाद की किसी कंपनी को सुपुर्द कर दिया गया था। 25 माह तक रिटायरिंग रूम को तोड़फोड़ कर कोरोना संक्रमण के बहाने इसे आईआरसीटीसी को उसी हालत में वापस कर दिया गया।

रेलवे को अब तक दो करोड़ रुपए का हो चुका है नुकसान

इसी माह के पहले सप्ताह में इस रिटायरिंग रूम को फिर से दानापुर मंडल के हवाले कर दिया गया। हालांकि पिछले 25 माह में रेलवे को लगभग दो करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। उपर से अब इसकी मरम्मत का भी खर्च रेलवे को ही उठाना पड़ रहा है। रेलवे की ओर से लगातार मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। पटना जंक्शन पर 16 रिटायरिंग रूम हैं तथा वीआईपी 2 सूट हैं। इसके साथ ही दो एसी डोरमेट्री है। इसमें आठ रिटायरिंग रूम करबिगहिया की ओर हैं। अभी आठ ही कमरे में एसी लगा हुआ है।

सभी बेड और गद्दों को बदलने की चल रही है तैयारी

रेलवे की ओर से सभी कमरे की मरम्मत कर एसी लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसकी आनलाइन ही बुकिंग की जाएगी। रिटायरिंग रूम बंद रहने के कारण अधिकांश बेड व गद्दा खराब हो चुका है। इसके बदलने की तैयारी चल रही है। हालांकि रेलवे की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है कि कम खर्च में ही इसे पूरी तरह विकसित कर दिया जाए। अक्टूबर के पहले सप्ताह तक इसके मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।