देश का एक और महत्वपूर्ण एयरपोर्ट हुआ अडानी का, सौंप दी गई चाभी

देश के एक प्रमुख एयरपोर्ट जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रबंधन की कमान अडानी ग्रुप को सौंप दी गई। हवाई अड्डे को भारत सरकार द्वारा समूह को 50 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर दिया गया है। हवाईअड्डा निदेशक जे एस बल्हारा ने अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्य हवाईअड्डा अधिकारी अदाणी जयपुर इंटरनेशनल लिमिटेड विष्णु झा को हवाईअड्डे की सांकेतिक चाबी सौंपी।

कर्मचारियों ने संभाल लिया कार्यभार।

कंपनी ने सोमवार सुबह 12:00 बजे एयरपोर्ट को अपने जिम्मे कर लिया। बल्हारा ने कहा कि कंपनी पीपीपी मोड के जरिए जयपुर एयरपोर्ट के संचालन, प्रबंधन और विकास पर काम करेगी। बुधवार को ही

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निजीकरण के बाद अडानी समूह के कार्मिकों ने एयरपोर्ट पर मोर्चा संभाल लिया है। दिवाली से पूर्व ही टर्मिनल—2 पर सुविधाओं को ओर बेहतर करने के लिए कई बदलाव भी यहां देखने को मिलेंगे।

देना होगा अतिरिक्त शुल्क।

एयरपोर्ट के प्रबंधन की कमान निजी ग्रुप को सौंपने के पीछे मुख्य तर्क यात्री सुविधाओं को बेहतर करना है। हालांकि इसके लिए यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों से यूजर डेवलपमेंट फीस (यूडीएफ) ज्यादा वसूल सकती है। मौजूदा समय में जयपुर एयरपोर्ट पर घरेलू यात्री से 465 और अंतरराष्ट्रीय यात्री से 1005 रुपए यूडीएफ वसूला जाता है।