ट्रेन से यात्रा करना हो जाएगा महंगा, देना होगा ज्यादा भाड़ा, नई दरें यहां देखें

भारतीयों के जीवन में रेलवे की अहम भूमिका है। यह सबसे महत्वपूर्ण परिवहन में से एक है। लाखों लोग अपने आवागमन के लिए ट्रेनों पर निर्भर हैं। कोरोना काल में रेलवे ने टिकटों के दाम बढ़ा दिए तो ट्रेनों की संख्या घटा दी। घाटे की भरपाई करने के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन का आइडिया निकाला और हमसे व आपसे अधिक किराए वसूल रही है।

10 से 35 रु. तक चुकाना होगा अतिरिक्त शुल्क

इससे भी ठंडक नहीं मिली तो अब दूसरे रास्ते से यात्रियों की जेब पर डाका डालने की तैयारी हो रही है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन की यात्रा अब और मंहगी होने जा रही है, क्योंकि यात्रियों को अब उन स्टेशनों से बोर्डिंग ट्रेनों के लिए 10 रुपये से 35 रुपये के बीच अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जिनका स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है या जल्द ही विकसित किया जाएगा।

सबसे कम शुल्क सामान्य वर्ग के लिए

हालांकि, एसी फर्स्ट क्लास, फिर सेकेंड एसी, उसके बाद एसी थर्ड और स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सबसे अधिक शुल्क लिया जाएगा। सामान्य वर्ग में सबसे कम शुल्क लिया जाएगा। सूत्रों ने आगे कहा कि उपयोगकर्ता शुल्क केवल उन स्टेशनों पर लिया जाएगा, जिनका पुनर्विकास किया जाएगा और जो उच्च फुटफॉल वाले हैं।

तेजस-राजधानी का पहले ही बढ़ चुका है किराया

गौरतलब है कि भारतीय रेलवे ने दिल्ली-अगरतला-तेजस-राजधानी ट्रेनों के बेस फेयर में 5 फीसदी की बढ़ोतरी को शामिल किया है। 3AC का बेस फेयर 1,624 रुपये था, इसके बाद 2AC का 2,367 रुपये और 1AC का 4,093 रुपये था।

यात्रा के दौरान कोराना वैक्सीन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं

इस बीच, रेलवे ने यात्रा के लिए कोरोनावायरस नकारात्मक प्रमाण पत्र की आवश्यकता से इनकार किया था। हालांकि मास्क लगाकर ट्रेन में सफर करने की समय सीमा बढ़ाकर अप्रैल तक कर दिया गया है। लेकिन यात्रियों को देश में बढ़ते मामलों के मद्देनजर विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा जारी किए गए COVID-19 दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा जाता है।