झारखण्ड से बिहार, यूपी और बंगाल जाना होगा आसान बनेगा एक्सप्रेस-वे, इन जिलों से गुजरेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर कहते हैं कि कि यूपी-बिहार के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास हुए बगैर देश का समग्र विकास संभव नहीं है. इसी क्रम में वे देश के पूर्वी क्षेत्रों के लिए तमाम योजनाएं लेकर आ रहे हैं. बिहार के रक्सौल से हल्दिया तक जाने वावला बिहार का दूसरा एक्सप्रेस-वे इसी कड़ी की एक लड़ी है. इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है. मिली जानकारी के अनुसार अगले साल यानी 2022 में इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा. यह एक्सप्रेस-वे न सिर्फ बिहार बल्कि झारखंड के भी कुछ इलाकों को विकास की रफ्तार में ले आएगा. जो जानकारी सामने आई है इसके अनुसार इस एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट के रक्सौल से दिघवारा आकर प्रस्तावित पटना रिंग रोड में जुड़कर कच्ची दरगाह-बिदुपुर से होकर पटना-कोलकाता एक्सप्रेस-वे में जुड़ेंगे. फिर बांका होते हुए सरैयाहाट, नोनीहाट व दुमका से पश्चिम बंगाल के पानागढ़ से हल्दिया पोर्ट तक होगा.

नेपाल सीमा पर स्थित बिहार के रक्सौल से हल्दिया तक रज्य का दूसरा एक्सप्रेस-वे छह से आठ लेन का होगा और इसके निर्माण पर 54 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. बिहार के इस दूसरे एक्सप्रेस-वे का निर्माण अगले साल से शुरू होगा. यह करीब 695 किमी लंबा होगा, जिसके निर्माण पर 54 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके निर्माण को पूरा करने की समयसीमा वर्ष 2024-25 है. फिलहाल इस एक्सप्रेस-वे की डीपीआर की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. बतादें कि पटना से कोलकाता तक राज्य का पहला एक्सप्रेस-वे बनेगा.

अब तक मिली जानकारी के अनुसार रक्सैल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे पूरी तरह ग्रीनफील्ड होगा और इसमें बीच में नहीं चढ़ा जा सकेगा. यह बिहार के नौ जिलों से होकर गुजरेगी, इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना, बिहारशरीफ, शेखपुरा, जमुई और बांका शामिल हैं. इसके बाद यह एक्सप्रेस-वे झारखंड में प्रवेश कर सरैयाहाट, नोनीहाट व दुमका से पश्चिम बंगाल के पानागढ़ से हल्दिया पोर्ट चला जाएगा.

बता दें कि इससे पहले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को झारखंड में दो इकोनॉमिक ग्रीन कॉरिडोर बनाने की स्वीकृति दी है. रांची से संबलपुर तक और धनबाद से रायपुर तक भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे बनेगा. बता दें कि रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे बिहार का दूसरा एक्प्रेस-वे है. पहला पटना-कोलकता एक्सप्रेस-वे के अतिरिक्त तीसरा बक्सर से भागलपुर व चौथा गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है.

Note: तस्वीर काल्पनिक है।