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झारखण्ड वासियों को अभी ठंड से नहीं मिलेगी राहत, इन जिलों में तापमान 9 डिग्री से नीचे

झारखंड भीषण शीतलहर की चपेट में है। मंगलवार को भी पूरा राज्य शीतलहर से कांपता रहा। राज्य के कई इलाकों में दिनभर शीत दिवस की स्थिति बनी रहा, जिसके कारण संबंधित इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मंगलवार को मैकलुस्कीगंज सबसे ठंडा रहा, जहां पारा एक डिग्री पर पहुंच गया। कांके में भी न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा बोकारो थर्मल में न्यूनतम तापमान 5.1 और डालटनगंज में 5.2 डिग्री डिग्री दर्ज किया गया। हजारीबाग में 6.4, रांची में 7.0 और चाईबासा में तापतान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले चार दिन तक राज्यभर में यही स्थिति रहेगी। इसके बाद तापमान में चार डिग्री तक की वृद्धि होगी और लोगों को राहत मिलेगी।

मौसम केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर पश्चिम दिशा से आ रही सर्द हवाओं के चलते राज्य के दक्षिणी भाग में ठंड का ज्यादा असर दिखा। पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में कुछ स्थान पर शीत दिवस में दिनभर लोगों ने काफी ठंड महसूस की। शीतलहर की वजह से कई इलाकों में लोग घरों में बंद रहे। राहत के लिए अलाव का सहारा लिया।

सूबे के अधिकतर जिलों में और नीचे आएगा पारा

झारखंड को लेकर मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जताया है उसके अनुसार गुरुवार को डालटनगंज, गढ़वा, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, हजारीबाग और कोडरमा में न्यूनतम तापमान पांच से छह डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के आसार हैं। इसके अलावा संताल के इलाके में गोड्डा, साहिबगज, पाकुड़ में नौ और राज्य के शेष जिले में न्यूनतम तापमान सात से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

मैकलुस्कीगंज का पारा एक और कांके का 1.5 डिग्री पर पहुंचा

कृषि विज्ञान केंद्र में स्थापित तापमान मापी यंत्र के मुताबिक राजधानी रांची के मैकलुस्कीगंज में सबसे कम न्यूनतम तापमान एक और कांके का 1.5 डिग्री सेसि रिकार्ड किया गया। मैकलुस्कीगंज में कुछ स्थान पर ओस की बूंदों के जमने का सिलसिला मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। यहां खेत में लगे पौधों, घास और पुआल के कुम्बे पर जमी ओस की बूंदें बर्फ की चादर बिछने का आभास कराती रहीं। दिन में गुनगुनी धूप की वजह से आमजन ने ठंड कम महसूस की, लेकिन शाम होते ही सर्द हवा का बहाव होने से लोग घरों में दुबक गए।

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