झारखण्ड में लगेंगे अब स्मार्ट इलेक्ट्रिक प्रीपेड मीटर, जानिए क्या होगी फ़ायदा

झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के भवनों में प्री-पेड मीटर लगाने के लिए नये सिरे से सर्वे शुरू होगा। केंद्र सरकार की नई योजना टोटेक्स मोड पर झारखंड में ऊर्जा का लेखा-जोखा रखा जाएगा। प्री-पेड मीटर लग जाने से लाइन लॉस पर लगाम लगेगा और बिल कलेक्शन में भी सुविधा होगी।

250 करोड़ रुपये खर्च होंगे

इसके लिए केंद्र सरकार की योजना आरडीएसएस (रीवैम्प डिस्ट्रब्यूशन सेक्टर स्कीम) के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह प्रस्ताव ऊर्जा विकास निगम के निदेशक मंडल की सोमवार को हुई बैठक में मंजूर किया गया है। केंद्र सरकार को सौभाग्य योजना के तहत ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें एक ही घर में लक्ष्य पूरा करने के लिए दो या इससे अधिक कनेक्शन लगा दिये गये हैं। अब आगे ऐसा न हो इसके लिए केंद्र सरकार ने टोटेक्स मोड पर योजना को अमलीजामा पहनाने का निर्णय लिया है। अब इस मोड पर प्री-पेड मीटर लग जाने के बाद बिलिंग शुरू होने पर लागत का किश्तों में भुगतान किया जाएगा।

बैठक में ऊर्जा विभाग के सचिव और ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी अविनाश कुमार के साथ वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार, जेबीवीएनएनल के कार्यकारी निदेशक केके वर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहे।

ऊर्जा विकास निगम होगा पेपर लेस

जानकारी के अनुसार निगम निदेशक मंडल की बैठक में ईआरपी योजना की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसमें करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत अब ऊर्जा विकास निगम एवं इसके सभी अनुषंगी इकाईयों का पूरा कार्यालय पेपर लेस होगा।

इस समय झारखंड में लगभग 35 प्रतिशत लाइन लॉस 

बिजली की आपूर्ति और खपत के लिए फीडर से लेकर वितरण ट्रांसफॉर्मर तक तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए हिसाब-किताब रखा जाएगा। बिजली चोरी, लाइन लॉस और बिजली की बर्बादी को नियंत्रित करने के लिए कड़ी निगरानी की जाएगी। इस समय झारखंड में करीब 35 प्रतिशत लाइन लॉस होता है। जेबीवीएनएल इसे कम करके10 प्रतिशत पर लाएगा। कितनी बिजली खरीद कर फीडर के माध्यम से ट्रांसफॉर्मर से घर-प्रतिष्ठानों तक आपूर्ति की गई, एक फीडर से कितने ट्रांसफॉर्मरों में कितनी बिजली जा रही है। उस ट्रांसफॉर्मरों से कितने घरों एवं प्रतिष्ठानों में बिजली खपत हो रही है। पूरा सिस्टम सरवर-नेटवर्क से जुड़ा रहेगा। बिजली चोरी की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को लग जाएगी। जेबीवीएनएल का अपना बिलिंग सॉफ्टवेयर बनाने पर भी सहमति बनी है