झारखण्ड में जल्द आएगी बंपर वैकेंसी, जानिए पूरी डिटेल्स

झारखंड में कर्मचारी चयन आयोग की ओर से होनेवाली परीक्षा के लिए तैयारियों में और गति आएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी नियमावली संशोधित करने का आदेश दिया है। अब उन्हीं नियमावली को संशोधित करने की बात की जा रही है जिससे संबंधित अधियाचना पूर्व में भेजी जा चुकी थी। हाल में कैबिनेट के निर्णयों के आलोक में संशोधित नियमावली के तहत ही परीक्षा होनी है और इसके लिए नियमावली में संशोधन आवश्यक है।

झारखंड में कर्मचारी चयन आयोग की ओर से होनेवाली परीक्षा के लिए तैयारियों में और गति आएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी नियमावली संशोधित करने का आदेश दिया है। अब उन्हीं नियमावली को संशोधित करने की बात की जा रही है जिससे संबंधित अधियाचना पूर्व में भेजी जा चुकी थी। हाल में कैबिनेट के निर्णयों के आलोक में संशोधित नियमावली के तहत ही परीक्षा होनी है और इसके लिए नियमावली में संशोधन आवश्यक है।

इस बीच, लगभग चार दर्जन नियमावली पाइपलाइन में हैं जिनमें से एक दर्जन के करीब को अंतिम रूप दिया जा चुका है। सबसे बेहतर कार्य नगर विकास विभाग और उत्पाद विभाग ने किया है। स्वास्थ्य विभाग समेत कई विभागों की स्थिति बहुत ही खराब बताई जा रही है। नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को लेकर अब कोई वैधानिक अड़चन नहीं है।

सोनी कुमारी की अपील के मामले में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कर लिया गया है तो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने से संबंधित संशोधन नियमावलियों में पहले ही किया जा चुका है। अब झारखंड से मैट्रिक और इंटर पास लोगों को रोजगार देने और स्थानीय भाषा का ज्ञान अनिवार्य करने संबंधी संशोधन करना जरूरी है। इसके लिए ही नियमावली में संशोधन का निर्देश सभी विभागों को दिया गया है।

80 हजार से एक लाख रिक्तियों के विरुद्ध निकल सकेगा विज्ञापन

राज्य सरकार विभिन्न विभागों की नियमावली को संशोधित कर सुनिश्चित करना चाह रही है कि नियुक्त प्रक्रिया शुरू की जा सके। इन सुधारों के बाद 80 हजार से एक लाख नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। सर्वाधिक नियुक्तियां शिक्षा विभाग और गृह विभाग में होने की संभावना जताई जा रही है। कुछ विभागों के आंकड़े अभी स्पष्ट नहीं हैं।