झारखण्ड के कई शहरो में 7 दिनों तक होगी बिजली संकट ,जानिए पूरी डिटेल

देश में कोयले की कमी से विद्युत उत्पादन में आई कमी के कारण झारखंड में शुक्रवार को भी बिजली संकट जारी रहा। सूबे के गांव से लेकर शहर तक बिजली की कमी से लोग परेशान हैं। राज्य के शहरी क्षेत्रों में 17 से 18 घंटे तक ही बिजली मिल रही है जबकि ग्रामीण इलाकों में औसतन 14 से 15 घंटे की आपूर्ति ही हो पा रही है। पिछले हफ्ते राज्य के शहरी क्षेत्रों में 20 से 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 19 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही थी। त्योहारी सीजन में बिजली संकट से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

झारखंड बिजली वितरण निगम 400-450 मेगावाट तक की कमी को दूर करने के लिए इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से 20 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने का प्रयास कर रहा है, लेकिन हर राज्य से मांग के कारण झारखंड को कम बिजली मिल रही है। शुक्रवार को राज्य में बिजली की मांग करीब 1700 मेगावाट रही जबकि आपूर्ति लगभग 1350 मेगावाट हो पाई। राहत यह रही कि तकनीकी खराबी के कारण बंद इनलैंड पावर में उत्पादन शुरू होने के कारण राज्य को 50 मेगावाट बिजली मिलने लगी है।

गांव से शहर तक बिजली संकट

पूरे राज्य में बिजली संकट गहराया है। दुमका को 60 मेगावाट की जगह 35 मेगावाट ही मिल है। दुमका शहर में 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। गोड्डा में प्रतिदिन लगभग 6 घंटे बिजली की कटौती हो रही है। बोकारो के चास व चंदनकियारी सहित ग्रामीण इलाकों में 12 घंटा भी बिजली नहीं मिल रही है। जामताड़ा में 50 से 55 मेगावाट कह जगह 25 मेगावाट बिजली मिल रही है। देवघर में जरूरत 90 मेगावाट बिजली की है, जबकि मात्र 50 मेगावाट मिल रही है। साहिबगंज में 70 मेगावाट की जगह 40 मेगावाट बिजली मिल रही है।

रांची में 11 से मरम्मत के नाम पर कटौती नहीं

राजधानी में निर्बाध आपूर्ति के लिए रांची एरिया बाेर्ड के एमडी प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने सभी अभियंताओं के साथ मीटिंग की और दस अक्टूबर तक मरम्मत के सारे काम पूरा करने काे कहा। 11 से 16 अक्टूबर तक मरम्मत के लिए किसी भी एरिया में बिजली बंद नहीं करने का निर्देश दिया। 12 से 15 अक्टूबर तक विद्युतकर्मियों की विशेष तैनाती पूजा पंडालाें पर करने का भी निर्देश दिया।