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झारखण्ड की सड़के भी होगी चकाचक, एक्सप्रेस-वे के साथ कई जिलों में बन रही है फोर लेन सड़के, देखिये किन जिलों से होकर गुज़रेगी ये सड़के

केंद्र सरकार ने राज्य के लिए कई फोरलेन सड़क योजनाओं को स्वीकृति दी है. भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत ओरमांझी से बोकारो तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनेगा. वहीं, संबलपुर-रांची एक्सप्रेस-वे को भी स्वीकृति दी है. इसके अलावा, एनएच-33 पर विकास से लेकर टाटीसिलवे होते हुए रामपुर तक की फोर लेन सड़क का काम भी तीन महीने में पूरा होने की उम्मीद है.

जल्द ही इन योजनाओं पर काम शुरू होगा. इसके साथ ही कुछ अन्य सड़कों पर काम चल रहा है. इन सड़कों के बन जाने से राज्य और राजधानी की तस्वीर बदलेगी. पहली बार राज्य में ग्रीन फील्ड सड़कें बनने जा रही हैं. इनके बनने से ट्रांसपोर्टिंग बेहतर होगी और व्यापार बढ़ेगा. समय की भी बचत होगी.

ओरमांझी से बोकारो तक के लिए प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में गोला के पहले एक टोल प्लाजा बनेगा. ओरमांझी से गोला के बीच इसके लिए जगह देखी जा रही है. जगह मिलने के बाद टोल प्लाजा बनाने की योजना तैयार की जायेगी. एक्सप्रेस-वे का दो चरणों में ओरमांझी से गोला और गोला से बोकारो तक का प्लान बनाया गया है. यह सड़क पूरी तरह अलकतरा से बनायी जायेगी.

केंद्र सरकार के भारत माला प्रोजेक्ट के तहत इस योजना को स्वीकृति दी गयी है. इसके क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तर पर एनएचएआइ झारखंड के मुख्य महाप्रबंधक एसके मिश्र लगे हैं. फिलहाल, ओरमांझी के निकट शेख भिखारी द्वार से होकर सिकिदिरी होते हुए गोला की ओर सड़क निकलती है, लेकिन एक्सप्रेस-वे इससे करीब चार किमी आगे से निकलेगी, जो सीधे गोला होते हुए बोकारो तक जायेगी.

यह पूरी तरह से नयी सड़क होगी. गोला के पहले एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जायेगा. ओरमांझी से गोला तक 27.8 किमी के हिस्से में एक बड़ा पुल का निर्माण कराना है. इसके साथ ही सात अन्य पुलों का निर्माण कराना होगा. इसका भी प्रस्ताव तैयार हो गया है. पूरा प्रोजेक्ट करीब 60 किमी लंबा है. इसमें कुल 24 अंडर पास बनाने होंगे. 12 अंडर पास ओरमांझी से गोला और 12 गोला से बोकारो के बीच बनाये जायेंगे. वहीं, गोला से बोकारो के बीच आठ ओवर पास बनेंगे. गोला से बोकारो के बीच पांच मध्यम साइज के पुल भी बनेंगे. पूरी सड़क पर 139 कलवर्ट का निर्माण कराया जायेगा. इसके साथ ही सड़क पर पर्याप्त लाइट आदि भी लगाने की योजना है.

संबलपुर-रांची एक्सप्रेस वे : ओड़िशा जाना होगा आसान

संबलपुर-रांची एक्सप्रेस-वे के तहत ओड़िशा में लिट्टीबेड़ा से शुरू होकर खूंटी के इलाके से होकर सड़क रांची में रिंग रोड पर मिलेगी. यह भी ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट होगा. इसकी लंबाई 146.2 किमी होगी. इस सड़क पर कम से कम घुमाव हो, इसके लिए खेतों से होते हुए नयी सड़क निकाली जायेगी. इस सड़क को फोर और छह लेन बनाने की योजना है. इस सड़क के बन जाने से ओड़िशा से रांची आना आसान हो जायेगा और समय कम लगेगा.

तीन माह में रिंग रोड के पूरा होने की उम्मीद

एनएच-33 पर विकास से लेकर टाटीसिलवे होते हुए रामपुर तक की फोर लेन सड़क का काम भी तीन महीने में पूरा होने की उम्मीद है. कंपनी को 10 दिसंबर तक का लक्ष्य दिया गया है. यह रांची रिंग रोड फेज वन और टू का हिस्सा है. इस सड़क के बन जाने से राजधानी का ट्रैफिक बोझ काफी कम हो जायेगा. रांची रिंग रोड पूरी तरह तैयार हो जायेगा. इसके बाद भारी वाहन शहर के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे, रिंग रोड से होकर बाहर निकल जायेंगे.

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