झारखंड में नौकरी के लिए अब राज्य के ही स्कूल से मैट्रिक पास होना अनिवार्य

कैबिनेट ने झारखंड में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करनेवाले युवाओं को राज्य सरकार की नियुक्तियों में प्राथमिकता देने का फैसला किया है. इसके लिए नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव पर मंजूरी दी. अब झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित की जानेवाली परीक्षाओं में शामिल होने के लिए झारखंड के किसी भी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से मैट्रिक पास होना अनिवार्य होगा.

मतलब राज्य में थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नौकरी उन्हें ही मिलेगी, जिन्होंने यहां से मैट्रिक पास की हुई हो. हालांकि, आरक्षण के दायरे में आनेवाले अभ्यर्थियों को इस शर्त में राहत दी गयी है. उन्हें राज्य से मैट्रिक पास होने की अनिवार्यता से छूट दी गयी है. इसके अलावा अभ्यर्थियों को राज्य के रीति-रिवाज, भाषा व परिवेश का ज्ञान होना भी आवश्यक होगा.

प्रारंभिक परीक्षा नहीं होगी, अब केवल मुख्य परीक्षा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई कैबिनेट की मीटिंग के फैसलों के बारे में कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व से ही कर्मचारी चयन आयोग में यह संशोधन किया गया था कि मैट्रिक और इंटर स्तर पर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की जगह केवल मुख्य परीक्षा होगी। अब कार्मिक विभाग की ओर से पांचों परीक्षा संचालन नियमावली के तहत स्नातक स्तरीय सेवाओं के लिए भी प्रारंभिक परीक्षा को समाप्त करते हुए केवल एक चरण में मुख्य परीक्षा लेने का प्रावधान किया गया है।