झारखंड में दुर्गा पूजा को लेकर गाइडलाइन हुआ जारी

कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इस बार दुर्गा पूजा पंडाल में श्रद्धालु नहीं, सिर्फ पुजारी, आयोजक व वॉलंटियर को जाने की अनुमति होगी. उनकी भी संख्या अधिकतम 25 होगी. केवल पारंपरिक तरीके से ही पूजा-पाठ की अनुमति होगी. इसमें लोगों की भागीदारी नहीं होगी. श्रद्धालु दूर से ही प्रतिमा का दर्शन कर सकते हैं. 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पंडाल में प्रवेश करने पर रोक रहेगी. प्रतिमा की ऊंचाई अधिकतम पांच फीट से अधिक नहीं होगी और पंडाल छोटा होगा.

आयोजकों को कम से कम वैक्सीन का एक डोज लेना अनिवार्य होगा. झारखंड सरकार के गृह विभाग ने बुधवार को लॉकडाउन में दी गयी छूट से संबंधित दिशा-निर्देश (एसओपी) जारी किया है. इसके तहत किसी थीम पर पंडाल का निर्माण नहीं होगा. न ही किसी प्रकार की सजावट या लाइटिंग की अनुमति होगी. केवल सुरक्षा के लिए प्रकाश की व्यवस्था करने की अनुमति दी गयी है. जहां प्रतिमा रखी जायेगी, उसी स्थान पर पंडाल का निर्माण होगा, शेष क्षेत्र खुला रखना है.

पूजा के दौरान मंत्रोच्चार के लिए साउंड सिस्टम की अनुमति है पर रिकार्डेड गीत के प्रसारण पर रोक है. विसर्जन जुलूस की मनाही है. प्रसाद या भोग का वितरण नहीं होगा. घरों तक प्रसाद भिजवाने की अनुमति दी गयी है. पंडाल के उदघाटन की मनाही है. सड़क को अवरुद्ध कर पंडाल बनाने की अनुमति नहीं दी गयी है. किसी भी सर्वजनिक स्थलों पर गरबा या डांडिया जैसे कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गयी है.

रावण दहन पर रोक :

सार्वजनिक स्थलों पर रावण दहन की अनुमति नहीं दी गयी है. कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है. वहीं एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करायें.

रात आठ बजे तक ही दुकानें खुलेंगी :

एसओपी के अनुसार, रात आठ बजे तक ही दुकानें खुलेंगी. केवल रेस्त्रां व बार को ही 11 बजे तक खोलने की इजाजत दी गयी है.

रविवार की बंदी पूर्व की तरह ही रहेगी. केवल खाद्यान्न की दुकानें, मेडिकल शॉप ही रविवार को रात आठ बजे तक खुले रहेंगे. रविवार को होटल, रेस्त्रां रात 11 बजे तक तथा क्लब 10 बजे रात तक संचालित करने की अनुमति दी गयी है. अन्य आदेश पूर्व की तरह ही हैं.

धार्मिक स्थलों में प्रवेश की अनुमति :

धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी गयी है. पर पुजारी, पंडा, इमाम, पादरी को कम से एक टीका लेना अनिवार्य किया गया है. वहीं 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी है. देवघर स्थित बाबा धाम मंदिर में ई पास के माध्यम से अधिकतम 100 व्यक्ति एक घंटे में प्रवेश कर सकेंगे. धार्मिक स्थल पर स्थान की 50% क्षमता में एकत्रित होने की अनुमति दी गयी. बिना मास्क के प्रवेश नहीं होगा.

दुर्गा पूजा पंडाल में पुजारी, आयोजक व वॉलंटियर को ही जाने की अनुमति

गृह विभाग ने दिशा-निर्देश (एसओपी) किया जारी

पंडाल छोटा होगा, आयोजकों को वैक्सीन लेना अनिवार्य

सार्वजनिक स्थानों पर रावण के पुतले का दहन करना मना

श्रद्धालु दूर से दर्शन कर सकते हैं, किसी थीम पर नहीं बनेगा पंडाल

पंडाल में आयोजक, पुजारी समेत 25 लोग ही एकत्रित हो सकते हैं

सड़क को अवरुद्ध कर पंडाल बनाने की अनुमति नहीं

सार्वजनिक स्थलों पर गरबा या डांडिया कार्यक्रम की अनुमति नहीं

पंडाल में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे के प्रवेश पर रोक