झारखंड में दिवाली के दिन मात्र इतने घंटे ही पटाखे जला सकते है, देखिये टाइमिंग

झारखंड में इस वर्ष दीपावली, छठ और गुरु पर्व पर सिर्फ दो घंटे तक पटाखे चलाने की इजाजत दी जाएगी. क्रिसमस और न्यू ईयर पर पटाखे चलाने के लिए मात्र 35 मिनट का समय तय किया गया है. झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board) ने इसे लेकर शनिवार को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं.

पटाखे जलाने के लिए समय निर्धारित

इसके अनुसार, दीपावली की रात को आठ बजे से दस बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे. छठ के दिन सुबह छह से आठ, गुरुपर्व पर रात्रि आठ से दस तथा क्रिसमस एवं नववर्ष पर 31 अक्टूबर की रात 11 बजकर 55 मिनट से 12.30 तक पटाखों की अनुमति दी जाएगी.

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव यतींद्र कुमार दास द्वारा जारी निर्देश में ‘नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल’ (National Green Tribunal) द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि झारखंड के उन शहरों में जहां वायु गुणवत्ता का स्तर अच्छा या संतोषप्रद है, वहां निर्धारित समय पर ही पटाखे चलाए जा सकेंगे. उन्होंने पटाखों की बिक्री को लेकर भी निर्देश जारी किया है. इसके अनुसार, राज्य में 125 डेसिबल से कम क्षमता वाले पटाखों की ही बिक्री की जा सकेगी.

आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई

इन निर्देशों का उल्लंघन करनेवालों पर आईपीसी की धारा 188 और वायु प्रदूषण निवारण नियंत्रण अधिनियम (Air Prevention and Control of Pollution Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसे लेकर राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को भी पत्र लिखा गया है.

गली मोहल्लों में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध

जानकारी के अनुसार, राज्य के शहरी इलाकों में दीपावली पर गली-मोहल्लों में पटाखों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. पटाखों की दुकानें लगाने के लिए शहरों में खुली जगहों पर कलस्टर बनाए जा रहे हैं. खुदरा विक्रेता उन्हीं कलस्टरों में दुकान लगा सकेंगे.

पटाखों की बिक्री के लिए शर्तें निर्धारित

झारखंड की राजधानी रांची में चार से पांच कलस्टर बनाए गए हैं. इनके अलावा पटाखा बिक्री के लिए प्रशासन ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की है. सभी विक्रेताओं को इसका पालन करना होगा. पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस लेना होगा.