झारखंड में ओपेन यूनिवर्सिटी की हुई स्थापना, जानिए कब से शुरू होगी पढ़ाई

झारखंड के लोगों को राज्य सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। अब अपने राज्य में नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई का रास्ता खुल गया है। राज्य में झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 लागू हो गया है। संबंधित विधेयक पर राज्यपाल रमेश बैस की स्वीकृति प्रदान कर दी है। राज्य के विधि विभाग ने अधिनियम लागू होने से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। झारखंड विधानसभा ने इसी वर्ष मानसून सत्र में इससे संबंधित विधेयक को पारित किया था। इस मुक्त विश्वविद्यालय (ओपेन यूनिवर्सिटी) में अगले वर्ष सत्र 2022 के जुलाई माह से दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई शुरू हो सकती है।

लागू अधिनियम के अनुसार, झारखंड के राज्यपाल झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय (ओपेन यूनिवर्सिटी) के चांसलर (कुलाधिपति) होंगे। राज्य सरकार इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पांच करोड़ रुपये वन टाइम ग्रांट उपलब्ध कराएगी। इसके बाद यह विश्वविद्यालय अपने खर्च से संचालित होगा। पाठ्यक्रमों की मान्यता का प्रस्ताव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भेजा जाएगा। इस खुला विश्वविद्यालय में दूरस्थ माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर के अलावा सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनके अलावा रोजगार और कौशल विकास से संबंधित भी कई कोर्स संचालित होंगे।

अब पद सृजन की होगी कार्रवाई

अधिनियम लागू होने के बाद अब कुलपति, प्रति कुलपति, रजिस्ट्रार व अन्य पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पहले इनका पद सृजन किया जाएगा। इसके लिए झारखंड सरकार के उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर से अलग से प्रस्ताव बनाकर वित्त विभाग को भेजा जाएगा। पद सृजित होने के बाद कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया राजभवन की ओर से सर्च कमेटी गठित कर पूरी की जाएगी।

विवि में इन कोर्स शुरू करने की स्वीकृति दी गयी :

विवि में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स शुरू होंगे. इसके हत स्नातक व स्नातकोत्तर में हिंदी, अंग्रेजी, क्षेत्रीय भाषा, जनजातीय भाषा, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, बीएड, एमएड, बीबीए, एमबीए कोर्स शामिल हैं. इसके अलावा सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स के तहत हेल्थ केयर, जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, टूरिज्म एंड हॉसपिटैलिटी सर्विस मैनेजमेंट, वोकेशनल कोर्स, जेंडर एंड डेवलपमेंट स्टडीज, सोशल वर्क और ट्राइबल स्टडीज शामिल हैं.