छठी क्लास में हुआ था कुछ ऐसा कि वहीं से बदल गयी थी IAS टॉपर शुभम की जिंदगी, जानिये क्या हुआ था

सिविल सेवा परीक्षा, 2020 (UPSC) का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया है. इस बार यूपीएससी ने कुल 761 सफल उम्मीदवारों के नाम जारी किए हैं. फाइनल परीक्षा परिणाम के अनुसार बिहार के कटिहार के रहने वाले शुभम कुमार ने सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 में टॉप कर न सिर्फ अपने जिले बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ाया है, लेकिन क्या आपको पता है शुभम की इस सफलता की कहानी कहां से शुरू हुई थी. आज आपको बताने जा रहा है आखिर वो कौन सी ऐसी बात थी जिसने शुभम की पूरी जिंदगी को नई दिशा दी और आज शुभम ने सफलता का यह मुकाम पाया है.

छठी क्लास में थे तभी उनके साथ कुछ ऐसा हुआ कि उन्होंने कटिहार छोड़ पटना में पढ़ाई करने का मन बना लिया था. दरअसल शुभम बताते हैं कि उस समय उनके एक शिक्षक ने एक सवाल का गलत जवाब दिया था, जिससे वो काफी दुखी हुए थे. शुभम का कहना है कि मेरे सही जवाब को मेरे शिक्षक ने गलत कहा था और मुझे अपने आप पर विश्वास था कि मैंने सही जवाब दिया है. इसी प्रकरण ने मेरा पूरा मूड बदल दिया और फिर मैंने पटना जाना तय कर लिया. शुभम कहते हैं कि मैंने अपने घर वालों से बात की और कहा कि मुझे पटना जाना है और अच्छे से पढ़ाई करनी है. मेरे पेरेंट्स ने मेरी बात मान ली और वहीं से मेरी लाइफ ने टर्न लिया. उसके बाद से आगे की पढ़ाई पटना और दूसरे शहरों में हुई और आज यह सफलता मिली है.

कहीं भी रहकर कर सकते हैं यूपीएससी की तैयारी

शुभम ने बातचीत में कहा कि भले ही वो यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली गए हो लेकिन ऐसा नहीं है किसी खास कोचिंग संस्थान या शहर में जाकर ही परीक्षा की तैयारी हो सकती है बल्कि परीक्षा की तैयारी कोई भी छात्र कहीं भी कर सकता है. बस उसे अपने तैयारी को लेकर डेडिकेटेड होना चाहिए. शुभम का कहना है कि अब तो डिजिटल मीडियम का जमाना है. ऑनलाइन या यूट्यूब पर एक से बढ़कर स्टडी मटेरियल उपलब्ध है जिससे परीक्षार्थी तैयारी कर सकते हैं. इसलिए जिन्हें लगता है कि वो बिहार में तैयारी नहीं कर सकते हैं तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है. छात्र किसी भी शहर या गांव में भी रहकर तैयारी कर सकते हैं. वैसे भी पिछले कुछ सालों में बिहार का रिजल्ट बहुत बेहतर रहा है और यहां के छात्र परीक्षा में टॉप करते रहे हैं.

3 साल, 7-8 घंटे की पढ़ाई ने बदल दी शुभम की जिंदगी

शुभम ने यूपीएसी को लेकर अपनी तैयारी के बारे में बताते हुए कहा कि वह हर दिन करीब 7-8 घंटे की पढ़ाई करते हैं. उनका यह रूटीन करीब 3 साल तक रहा और तब जाकर उन्हें यह सफलता मिली है. शुभम कहते हैं कि भले ही छात्र किसी कोचिंग की मदद लें या ऑनलाइन स्टडी मटेरियल की उन्हें सबसे ज्यादा सेल्फ स्टडी पर फोकस रखना चाहिए. छात्रों को विषय को अच्छे से समझना चाहिए और फिर बेहतर मार्गदर्शन के साथ तैयारी करनी चाहिए उन्हें सफलता जरूर मिलेगी.

पहली पसंद बिहार दूसरी मध्यप्रदेश

फिलहाल पुणे में ट्रेनिंग कर रहे शुभम ने कैडर चुनने को लेकर कहा है कि उनकी पहली पसंद तो बिहार कैडर है और वहीं दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश उनकी चॉइस है. शुभम कुमार के बारे में एक खास बात यह भी है कि उन्होंने 2019 की परीक्षा में 290 वींं रैंक हासिल की थी. यह उनका दूसरा प्रयास था और उन्होंने देश भर में टॉप कर न सिर्फ अपने माता-पिता या परिजनों का बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ाया है. शुभम का कहना है आईपीएस की जगह उन्होंने आईएएस इसलिए ऑप्ट किया क्योंकि यह उनके व्यक्तित्व के हिसाब से है और वो इसको एन्जॉय भी करेंगे.

गांव के विकास पर देंगे विशेष जोर

शुभम कहते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहां की करीब 70 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निभर है. ऐसे में वो गांव के विकास पर विशेष जोर देंगे. शुभम ने बताया कि चुकी वो खुद कटिहार के ग्रामीण इलाके से ताल्लुक रखते हैं. इसलिए उन्हें ग्रामीण इलाकों की स्थिति पता है. वो जानते हैं कि उनके इलाके में लगभग हर साल बाढ़ आता है और बड़ी आबादी इससे प्रभावित होती है इसलिए वह बाढ़ राहत को लेकर विशेष कार्य करेंगे. साथ ही ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान देंगे. शुभम का कहना है कि उनके यूपीएसी वाले इंटरव्यू में भी उनसे यह सवाल पूछा गया कि आप ग्रामीण इलाके से आते हैं तो ग्रामीण विकास के लिए क्या करेंगे. इसलिए मैं इस ओर विशेष रूप से काम करना चाहता हूं.

Source : News18