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हवाई जहाज में खिड़कियां गोल आकार की ही क्यों रहती हैं, जानिए कुछ रोचक तथ्य

हवाई जहाज की यात्रा सबसे सुखद मानी जाती है. लोग कम समय में लंबी दूरी की यात्रा तय कर लेते हैं. फ्लाइट में यात्रा करना एक अच्छा अनुभव भी माना जाता है. लेकिन इसके कई नुकसान भी हैं. कुछ लोगों को फ्लाइट में ट्रेवल करने से डर भी लगता है और हाल ही में बोइंग 737 मैक्स में हुए दुर्घटना ने लोगों के डर को और बढ़ा दिया है. सुरक्षा कारणों की वजह से फ्लाइट यात्रा के कई नियम होते हैं जैसे कि फोन स्विच ऑफ करना या विंडो शेड खोलना. यह नियम लोग फॉलो तो करते हैं पर इसके पीछे के कारण कम ही लोग जानते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कुछ मिथकों के पीछे का तर्क..

टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए आपकी सीट को सीधा क्यों होना चाहिए?

सीटों को सीधा रखने से यात्रियों को गलियारे में जाने के लिए अधिक जगह मिलती है, जिससे आपात स्थिति में निकासी आसान हो जाती है.

टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए विंडो शेड्स को ऊपर क्यों रखना चाहिए?

माना जाता है कि एक फ्लाइट यात्रा (Flight Travel) में सबसे कठिन समय वो होता है जब जहाज टेक-ऑफ कर रहा हो या लैंडिंग कर रहा हो. ऐसे में हर प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाता है. टेक-ऑफ के समय अगर रनवे पर कोई इमरजेंसी सिचुएशन (Emergency Situation) होती है, तो यात्रियों और चालक दल को हवाई जहाज को तुरंत खाली करने की जरूरत पड़ सकती है. ऐसी स्थिति में खुली खिड़की के शेड चालक दल को वातावरण, मौसम की स्थिति, इलाके आदि के बारे में जागरूक करने में मदद करेंगे.

हवाई जहाज की खिड़कियां गोल क्यों होती हैं?

केबिन और बाहरी वातावरण के बीच दबाव अंतर के कारण होने वाला तनाव कोनों पर केंद्रित हो जाता है, जहां चौकोर खिड़कियों के किनारे मिलते हैं, जिससे हवाई जहाज़ का ढांचे को नुकसान हो सकता है. घुमावदार या गोल खिड़कियां हवा के बाहरी दबाव के तनाव को फैला देती हैं, और इस प्रकार हवाई जहाज की गोल खिड़कियां चौकोर खिडकियों के मुकाबले मजबूत होती हैं और और हवा के दबाव को झेल लेती हैं.

पायलट ईंधन क्यों डंप करते हैं?

कुछ बड़े हवाई जहाजों में ईंधन डंप करने की क्षमता होती है जिसका इस्तेमाल कुछ स्थितियों में विमान के वजन को कम करने के लिए किया जाता है. जब एक हवाई जहाज उड़ान भरता है, तो यह आमतौर पर अपनी लैंडिंग वजन सीमा से अधिक भारी होता है क्योंकि उड़ान के दौरान इस वजन सीमा तक पहुंचने के लिए जब तक वह अपनी डेस्टिनेशन के करीब होता है, तब तक ईंधन जलने की उम्मीद होती है.

डंपिंग फ्यूल (Dumping Fuel) यह सुनिश्चित करता है कि एप्रोच और लैंडिंग के दौरान हवाई जहाज को कम स्पीड से उड़ाया जा सके ताकि इसे उपलब्ध रनवे की लंबाई के भीतर और इसके प्रमाणित लैंडिंग वजन के भीतर रोका जा सके.

क्यों बंद हो जाती है लाइट?

किसी भी विमान के टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान लाइट बंद (Lights Closed during Take-off and Landing) कर दी जाती हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि हमारी आंखों को अंधेरे से तालमेल बिठाने में समय लगता है. फ्लाइट के अंदर की रोशनी और वाहर के उजाले में फर्क होता है. ऐसे में लोगों की आंखों पर बहुत ज्यादा असर न पड़े इसलिए ऐसा किया जाता है. अंधेरे को समायोजित करने के लिए हमारी आंखों को 10 से 30 मिनट के बीच का समय लग जाता है.

मोबाइल को एयर प्लेन मोड में रखने की जरूरत क्यों है?

मोबाइल फोन सिग्नल विमान के नेविगेशन और लैंडिंग गाइडेंस सिस्टम में हस्तक्षेप कर सकते हैं. मोबाइल फोन को हवाई जहाज मोड पर रखकर, यह सेलुलर और वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्शन को बंद कर देता है, जिससे विमान उपकरण के साथ किसी भी संभावित हस्तक्षेप को रोका जा सकता है.

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