आज भी झारखण्ड के कई जिलों में होगी मुसलाधार बारिश, जानिए अपने ज़िला का हाल

झारखंड में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात का असर कम हो गया है। मगर अब बंगाल की खाड़ी में उत्तर पूर्वी और उससे जुड़े पूर्वी मध्य क्षेत्र में एक चक्रवातीय क्षेत्र बन रहा है। इसके कारण एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तटीय क्षेत्र में बना हुई है। इसके अगले 24 घंटों में और गहरा होने की संभावना है। इसका असर राजधानी रांची में मंगलवार की रात से देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने इस चक्रवातीय क्षेत्र का असर पूरे राज्य में देखने को मिलेगा।

इन जिलों में होगी बारिश

इसके कारण राज्य में मध्य और दक्षिणी जिले जैसे पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, रांची, खूंटी, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़ और गुमला में 29 सितंबर को भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग के द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अभिषेक आनंद ने बताया कि 30 सितंबर को चक्रवात का असर उत्तर पश्चिम जिलों में ज्यादा देखने को मिलेगा।

इससे पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, लातेहार और लोहरदगा में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा अन्य जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश रिकार्ड की जाएगी। राज्य में तीन अक्टूबर तक अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से हल्के दर्जे के बारिश की संभावना है। हालांकि एक अक्टूबर के बाद बारिश में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में मानसून की स्थिति कमजोर रही।

हालांकि राज्य में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश रिकार्ड की गई। राज्य में सबसे ज्यादा बारिश तेनुघाट में 34.8 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया। जबकि राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान चाईबासा में 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं राज्य में सबसे ज्यादा अधिकमत तापमान गोड्डा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।