आईएएस टॉपर शुभम कुमार पहुंचे अपने गांव। बोले: अब पता चल रहा बिहारी क्या–क्या कर सकते हैं

यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन (यूपीएससी) में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक लाने वाले बिहार के लाल शुभम कुमार अपने पैतृक गांव कटिहार जिले के कदवा प्रखंड के कुमरही गांव पहुंचे। गांव पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके पहले उनके पिता उन्हें रिसीव करने बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे थे।

एयरपोर्ट पर फफक कर रो पड़े पिता।

बता दें कि शुभम जब दिल्ली से असम के बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे उन्हें लेने उनका परिवार वहां गया हुआ था। शुभम के पिता जब ने अपने टॉपर बेटे को सामने से आते देखा तो फफक कर रो पड़े। यह पल काफी भावुक हो चुका था। पिता से गले लग कर शुभम भी रोने लगे। फिर दोनों वहां से सड़क मार्ग से किशनगंज के रास्ते कटिहार पहुंचे। रास्ते में किशनगंज जिलाधिकारी ने भी उनका फूल मालाओं से स्वागत किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

मंच से बताया बिहारी होने का मतलब।

गांव पहुंचने पर शुभम के लिए भव्य स्वागत का इंतजाम किया गया था। वहां पर आयोजित एक कार्यक्रम में हुए मंच से युवाओं को संबोधित कर उन्हें तैयारी पर पढ़ाई के लिए टिप्स दे रहे थे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि अपने बच्चों को हिंदी अंग्रेजी के अलावा अपनी मातृभाषा भी सिखाते रहे। उन्होंने घटना का जिक्र किया जब लोग उनसे उनकी मातृभाषा के बारे में पूछते थे। तो उन्होंने कहा कि मैं ठेठी नहीं बोल पाता हूं। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं पहले जहां भी जाता था लोग कहते थे कि अरे यह तो बिहारी है। अब धीरे-धीरे उन्हें पता लगने लगा है कि बिहारी क्या- क्या कर कर सकते हैं।