अवैध खनन को ले हरकत में आई सरकार। मुख्यमंत्री ने खान एवं भूतत्व विभाग के साथ की समीक्षा बैठक

प्रदेश में अवैध खनन सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। सबसे ज्यादा बालू के अवैध खनन को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि अवैध खनन को लेकर कई जगह करवाई भी चल रही है। औरंगाबाद के एसपी समेत रोहतास के कई अधिकारी भी इस मामले में नपे हैं। अवैध खनन को लेकर ही गुरुवार को मुख्यमंत्री ने खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा बैठक की। उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर बाल उपलब्ध कराने को लेकर निर्देश जारी किए गए।

 

खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती हरजोत कौर ने विभाग में किये जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार से झारखण्ड के अलग होने के बाद बालू को ही राजस्व का एक मुख्य स्रोत माना जाता था। सरकार में आने के बाद हमलोगों ने सभी क्षेत्रों में विकास का काम किया है, जिससे राजस्व के कई स्रोत बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बालू आसानी से उचित कीमत पर प्राप्त हो सके, इसके लिये विभाग सतत् अनुश्रवण करे ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकी संतुलन को ध्यान में रखते हुये सारे कार्य किये जायें। बिहार में ऐतिहासिक, पुरातात्विक महत्व के पहाड़ों को संरक्षित रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग अवैध खनन पर कठोरता से अंकुश लगाये और इसमें संलग्न लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अभी हाल में विभाग ने इस संबंध में व्यापक कार्रवाई की है।

उपमुख्यमंत्री के अलावा कई अधिकारी भी रहे मौजूद।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, खान एवं भूतत्व मंत्री श्री जनक राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती हरजोत कौर, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।